उधर चोट के करीब आठ माह बाद वापसी करने वाले बनारसी बाबू ललित उपाध्याय के लिए बेल्जियम दौरा अपनी कलाकारी दिखाकर खुद को फिर से भारत के शीर्ष हॉकी स्ट्राइकर के रूप में स्थापित करने का शानदार मौका था। उन्होेंने कहा कि टीम का फोकस अपने प्रतिद्वंद्वी की बजाय अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर रहता है। हमने बेल्जियम दौरे पर ऐसा ही किया और नतीजा सामने है। रूस के खिलाफ ओलंपिक क्वालिफायर्स के टीम हर चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार है। उस्ताद ग्राहम रीड का जितना जोर आक्रमण पर है उतना ही मजबूत रक्षण पर भी है।