पूर्व हॉकी ओलंपियन और कोच 72 बरस के डॉ. एमपी गणेश ने यहां नैशनल हॉकी अकैदमी (एनएचए) के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर (एचपीडी) और सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बात की पुष्टि खुद गणेश ने कुर्ग (कर्नाटक) स्थित अपने गांव से 'अमर उजाला’ से की। गणेश ने कहा कि उन्होंने निजी कारणों से इस पद से इस्तीफा दिया है।
नेशनल हॉकी एकेडमी देश के प्रतिभासम्पन्न नौजवान खिलाड़ियों को संवारने की तत्कालीन भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और अब स्पोटर्स इंडिया और खेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। गणेश दो बरस तक एनएचए के हाई परफॉर्मेस डायरेक्टर और सीईओ रहे। गणेश के इस्तीफा देने के बाद अब मेजर ध्यानचंद नैशनल स्टेडियम की प्रशासक और उपनिदेशक अमर ज्योति ही नेशनल हॉकी एकेडमी के हाई परफॉर्मेंस डायेक्टर और सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेगी।
अमर ज्योति ने यह साफ किया कि अन्य स्टेडियम में जिस तरह स्टेडियम की प्रशासक वहां चल रही एकेडमी की जिम्मेदारी संभालते हैं उसी तरह वह मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में राष्ट्रीय हॉकी एकेडमी की जिम्मेदारी भी देखेंगी।
भारत की नौजवान हॉकी प्रतिभाओं को तलाश कर तराशने के मकसद से 2017 में जब नैशनल हॉकी अकैडमी (एनएचए) शुरू की गइ थी तब हॉकी इंडिया ने सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में अंडर 18 वर्ग से 70 खिलाड़ियों को चुना था और इनमें बाद मे छंटनी के बाद लगभग 60 कर दिया था। अब यह व्यवस्था बदल दी गई है और राष्ट्रीय हॉकी अकैडमी के लिए खिलाड़ियों का चयन खेलो इंडिया से किया जाता है।
गणेश के एनएचए छोड़ने के बाद अब भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम के चीफ कोच रह चुके महाराज कृष्ण कौशिक की अगुआई में कोच प्रमोद, केवी और हरिहरन खेलो इंडिया में चमक दिखाने वाली हॉकी प्रतिभाओं को तराश कर भारत की सीनियर हॉकी टीम के लिए तराशने में जुटे हैं। मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद और स्ट्राइकर ललरेमसियामी नैशनल हॉकी अकैडमी में ही अपने कौशल को निखार कर क्रमश: भारत की सीनियर पुरुष और महिला हॉकी की तुरुप की खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। नैशनल हॉकी अकैडमी से शिवम आनंद, रविचंद्र सिंह, पवन, विष्णुकांत के साथ चेतना, शार्मिला देवी और प्रीति जैसी प्रतिभाएं भारत की जूनियर पुरुष और महिला शिविर के बाद विभिन्न दौरे पर भारत की जूनियर हॉकी टीमों में जगह बनाने में कामयाब रहीं।