एक यूट्यूब चैनल से बात करते हुए मंसूर अहमद ने कहा था, "जब मैं जवानी में हॉकी खेलता था तो मैंने कई भारतीयों के दिल तोड़े थे। बड़े-बड़े टूर्नामेंट भारत से छीन कर लाया हूं। पर आज मुझे भारत की ज़रूरत है।"
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद पाकिस्तान के लोग मेडिकल वीज़ा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मंसूर अहमद को पाकिस्तान में हॉकी लीजेंड समझा जाता है। वो नेशनल टीम में गोलकीपर थे और उन्होंने 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे।
वो 1992 में बार्सिलोना ओलंपिक में कांस्य जीतने वाली टीम और 1994 में सिडनी में हुए हॉकी वर्ल्ड कप में विजेता टीम के सदस्य रहे थे।
उन्हें चार बार दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर घोषित किया गया था।
साल 1988 में उन्हें पाकिस्तान का राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिला था।