रमनदीप सिंह ने 47वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से निर्णायक गोल दागा जिससे दुनिया की चौथे नंबर की टीम ने उसी स्टेडियम में दर्शकों के सामने जीत दर्ज की, जहां उसने नीदरलैंड को दो बार मात दी थी। इस शानदार जीत से भारत ने 2003 में आई विश्व रैंकिंग प्रणाली में पहली बार पांचवें से चौथे नंबर पर अपनी रैंकिंग मजबूत की। दोनों टीमें अब रविवार को इसी स्टेडियम में एक-दूसरे के आमने सामने होंगी।
अपनी पहली एफआईएच हाकी प्रो लीग में नीदरलैंड पर 5-2 और शूटआउट में 3-1 (नियमित समय में 3-3) की जीत से शानदार शुरुआत करने वाली भारत ने इस प्रतियोगिता में बेल्जियम की जीत की लय रोक दी।
इस मैच से पहले बेल्जियम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोनों मैचों में 4-2 के समान अंतर से और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ 6-2 और 3-1 से जीत हासिल की थी। लेकिन वह भारत के खिलाफ मौकों को गोल में तब्दील करने में जूझती दिखी।
बेल्जियम ने हालांकि गेंद अपने पास रखने में दबदबा बनाया, उसने 38 बार सर्कल में प्रवेश किया, 24 बार गोल की ओर निशाना लगाया और 12 पेनल्टी कार्नर हासिल किए लेकिन टीम सर्किल के अंदर सफलता हासिल नहीं कर सकी। भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और कृष्ण पाठक भी उतने ही चमकदार रहे जिन्होंने भारतीय रक्षापंक्ति को मजबूत रखा और मेहमान टीम के स्ट्राइकरों द्वारा बनाये गये हर मौके को विफल किया।