भारतीय हॉकी टीम के नए कप्तान सरदार सिंह ने स्वीकार किया है कि लंदन ओलंपिक में मिली नाकामी से खिलाड़ियों का मनोबल पस्त है और चैंपियंस ट्रॉफी से पहले उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इससे उबरने की होगी। लंदन ओलंपिक में सारे मैच हारकर भारतीय टीम 12वें स्थान पर रही थी।
इसके बाद हॉकी इंडिया के कप्तान भरत छेत्री, फारवर्ड शिवेंद्र सिंह, तुषार खांडेकर और ड्रैक फ्लिकर संदीप सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर ऑस्ट्रेलिया में इस महीने होने वाली सुपर सीरीज और एक से नौ दिसंबर तक होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए युवाओं को टीम में मौका दिया है।
लंदन ओलंपिक के बाद यह भारतीय टीम का पहला टूर्नामेंट होगा। बकौल सरदार, ‘ओलंपिक के बाद खिलाड़ियों का हौसला टूटा है। अभी तक हम उस नाकामी को भूल नहीं पाए हैं लेकिन हमें आगे तो बढ़ना होगा। बतौर कप्तान मेरे लिए खिलाड़ियों को मनोबल बढ़ाना बड़ी चुनौती है और मुझे यकीन है कि हम कामयाब होंगे।’