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भारत रत्न के लिए ध्यानचंद का नाम भेजेगा खेल मंत्रालय

Fri, 19 Jul 2013 06:27 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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केंद्रीय खेल मंत्रालय मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की जगह 'हॉकी के जादूगर' ध्यानचंद का नाम देश के शीर्ष नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए भेजने का फैसला लिया है।
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सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से दोनों दिग्गजों के नाम भारत रत्न के लिए भेजने की मांग चल रही थी, लेकिन मंत्रालय ने लंबे विचार-विमर्श के बाद ध्यानचंद का नाम प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रस्तावित किया।

खेल मंत्रालय पर दोनों महान खिलाड़ियों के प्रशंसकों का खासा दबाव था लेकिन उसने 'हॉकी के जादूगर' का नाम इस सम्मान के लिए पहले भेजने का फैसला लिया।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने इस आधार पर फैसला लिया कि तेंदुलकर एक वर्तमान खिलाड़ी हैं जिन्हें भविष्य में भारत रत्न पाने के कई मौके मिल सकते हैं।

मेजर ध्यानचंद ने वर्ष 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल कर देश को गौरवांवित किया था। उनका शुमार दुनिया के महानतम हाकी खिलाड़ियों में किया जाता है। उनका निधन 1979 में हुआ था।
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ध्यानचंद के पुत्र व पूर्व हॉकी खिलाड़ी अशोक कुमार 12 जुलाई को खेल मंत्री जितेंद्र सिंह से मिलकर ध्यानचंद को भारत रत्न दिए जाने की पुरजोर मांग की थी और खेल मंत्री ने भी आश्वासन दिया था।

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी भी अशोक कुमार के साथ इस दल में शामिल थे।

फैसले पर खुश है हॉकी इंडिया
हॉकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा ने खेल मंत्रालय के इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा, 'हॉकी इंडिया के लिए यह बेहद खुशी और गर्व का समय है। हम चाहते हैं कि ध्यानचंद को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।'

खेल मंत्री से मिलने के बाद अशोक ने कहा था, इस मुलाकात में खेल मंत्री ने हमसे कहा था कि वह हमारे विचारों का समर्थन करते हैं और वह खुद व्यक्तिगत रूप से ध्यानचंद को भारत रत्न की सिफारिश करने वाला पत्र प्रधानमंत्री को सौंपेंगे।

इस बीच, सूत्रों ने कहा कि खेल मंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने पत्र में ध्यानचंद को भारत रत्न दिए जाने के लिए पुरजोर सिफारिश की है।

तब सरकार ने ठुकराई थी सांसदों की मांग
दिसंबर 2011 में सरकार ने 82 सांसदों की उस सामूहिक अपील को नजरअंदाज कर दिया था जिसमें उन्होंने ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग की गई थी।

जनवरी 2012 में इस सम्मान के लिए खेल मंत्रालय ने ध्यानचंद, ओलंपिक में देश के पहले व्यक्तिगत स्वर्ण विजेता अभिनव बिंद्रा और पर्वतारोही तेनजिंग नोर्गे के नाम की सिफारिश की थी।
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लेकिन तब सचिन तेंदुलकर का नाम नदारद था क्योंकि बीसीसीआई उनके नाम की सिफारिश नहीं कर सका था।
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