कप्तान सविता पूनिया और भारतीय महिला हॉकी टीम
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भारतीय महिला हॉकी टीम राष्ट्रमंडल खेलों में 16 वर्षों से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म करने के इरादे से शुक्रवार को घाना के खिलाफ जीत दर्ज कर अपने अभियान की शुरुआत करना चाहेगी। भारत पूल ए में इंग्लैंड, कनाडा, वेल्स और घाना के साथ है। वहीं पूल बी में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और केन्या हैं।
गोल्ड कोस्ट (2018) में भारतीय महिलाएं चौथे स्थान पर रहकर बिना पदक ही लौटी थीं। इस बार सविता पूनिया की टीम पदक लेकर ही लौटना चाहेगी।
हाल ही में हुए विश्वकप में भी भारत नौवें स्थान पर रहा था। हालांकि पिछले साल टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिलाएं चौथे स्थान पर रही थीं। उससे उनका हौसला बढ़ा हुआ है। भारतीय महिलाओं ने 2006 मेलबर्न में रजत पदक जीता था, तब से कोई पदक नहीं जीता है। वहीं, 2002 मैनचेस्टर में स्वर्ण पदक जीता था।
टीम को राष्ट्रमंडल खेलों में ग्रुप में इंग्लैंड से कड़ी टक्कर मिलेगी। वहीं, नाकआउट राउंड में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमों से भिड़ना पड़ सकता है। भारतीय टीम का अगला मैच शनिवार को वेल्स से होगा। भारतीय महिला टीम कई अहम मौकों पर पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने में नाकाम रही है और इसी वजह से कई मैच भी गवाएं हैं। टीम को इस पर काम करने की जरूरत है।