हॉकी इंडिया के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर रोलैंट ओल्टमैंस महिला हॉकी टीम की तैयारियों से खुश नहीं है। उन्होंने नीदरलैंड में टीम के प्रदर्शन पर नाखुशी जताते हुए जून में होने वाले वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग वर्ल्ड हॉकी लीग-3 के लिए टीम को तैयार नहीं बताया है।
ओल्टमैंस ने न सिर्फ टीम की एक से 12 मई तक की छुट्टियां रद्द करने को कहा बल्कि टीम को नीदरलैंड से आते ही एनआईएस पटियाला में सीधे तैयारियों में जुट जाने की सिफारिश की।
ओल्टमैंस की रिपोर्ट के आधार पर हॉकी इंडिया ने साई से कैंप एक मई से लगाने को कहा लेकिन निर्धारित से अधिक बजट हो जाने के चलते उनकी सिफारिश को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
ऑस्ट्रेलियाई कोच नील हॉगुड की निगरानी में महिला टीम बुधवार को तड़के नीदरलैंड से लौटी है। टीम के साथ ओल्टमैंस भी गए थे। लेकिन उन्होंने अपनी रिपोर्ट में टीम को इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के लिए तैयार नहीं बताया।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि टीम वर्ल्ड लीग-2 की तरह भी खेल नहीं दिखा रही है। जिसके चलते टीम सदस्यों को एक से 12 मई तक की छुट्टी देना ठीक नहीं रहेगा। इससे टीम की तैयारियों और ज्यादा प्रभावित होंगी।
उन्होंने सिफारिश की कि नीदरलैंड से आते ही टीम को सीधे पटियाला भेज दिया जाए। इससे लीग-3 की तैयारियों में मदद मिलेगी।
सूत्रों की मानें तो हॉकी इंडिया ने कोच की सिफारिश को आधार बनाते हुए साई से कैंप एक मई से लगाने को कहा। लेकिन उनसे कह दिया गया कि कैंप पहले से निर्धारित तिथि 12 मई से ही लगेगा। दरअसल साई की ओर से इस बार प्रत्येक खेल संघ के लिए बजट निर्धारित किया गया है।
इस बजट के अंदर ही खेल संघों को सारी गतिविधियां करनी हैं। हॉकी इंडिया उनके लिए निर्धारित बजट को पहले से ही पार कर चुकी है। साई ने इसी का हवाला देते हुए सिफारिश के बावजूद कैंप एक मई से लगाने को मंजूरी नहीं दी।