ड्रैग फ्लिकर तलाके दू के अंतिम पेनल्टी कॉर्नर पर दागे गोल की बदौलत पहली बार हॉकी विश्व कप में शिरकत कर रही दुनिया की 17 वें नंबर की टीम चीन ने विश्व रैंकिंग में अपने से दस पायदान ऊपर इंग्लैंड को पूल बी में 2-2 की बराबरी पर रोक कर बड़ा उलटफेर किया।
चीन ने मैच ड्रॉ करा यहां कलिंगा हॉकी स्टेडियम में मौजूद हॉकी प्रेमियों का दिल जीत लिया। चीन ने इस ड्रॉ के साथ यह साबित किया मैदान पर किसी भी टीम की रैंकिंग से ज्यादा अहम है उसका संकल्प और दिन विशेष का खेल। चीन की टीम हॉकी विश्व कप के इतिहास में ऐसी नौवीं टीम बन गई जिसे अपने पदार्पण मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा।
जियाओपिंग के पांचवें मिनट में दागे बेहतरीन गोल से चीन के बढ़त लेने के बाद मार्क ग्लीहॉर्न के पेनल्टी कॉर्नर पर और लियाम एंसेल के मैदानी गोल की बदौलत जब48वें मिनट में इंग्लैंड ने 2-1 की बढ़त ले ली तो थी तब उसकी जीत तय दिखाई दे रही थी।
मैच के अंतिम पूर्व मिनट में मिले चौथे और अंतिम पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिकर पर तलाके दू ने गोल कर चीन को बराबरी दिला मैच ड्रॉ करा कर साबित कर दिया कि यह विश्व कप वाकई बहुत खुला रहने वाला है। चीन की इस टीम की बाबत एक रोचक बात यह है कि इसकी टीम में सभी खिलाड़ी इनर मंगोलिया प्रांत और एक ही क्लब के खिलाड़ी हैं।
चीनी खिलड़ियों के पास भले ही अनुभव कम था लेकिन अपने जीवट और अपने दक्षिण कोरियाई कोच सांग रियुल किम के मार्गदर्शन में हॉकी की सही बेसिक्स दिखाई। ड्रॉ के बाद चीन के कोच सांग रियुल किम ने कहा, ‘मैं अपनी टीम के इंग्लैंड जैसी टीम के खिलाफ दो गोल करने से हैरान हूं। फिर भी मुझे इस बात की खुशी है कि हम इंग्लैंड जैसी टीम को ड्रॉ पर रोकने में सफल रहे।'
दक्षिण कोरिया को ओलंपिक में पहुंचा कर बतौर कोच सुर्खियों में आए सांग रयुल किम के मार्गदर्शन में चीन ने तूफानी अंदाज में आगाज किया। जियाओपिंग गुओ ने हॉकी की बेहतरीन कलाकारी दिखाते हुए पांचवें मिनट में मैदानी गोल कर चीन को 1-0 की बढ़त दिला कर स्टेडियम में मौजूदा करीब 14 हजार हॉकी प्रेमियों को चौंका दिया।
मार्क ग्लीहॉर्न ने नौ मिनट बाद मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर इंग्लैंड को एक-एक की बराबरी दिला दी। चीन ने दूसरे क्वॉर्टर के तीसरे मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन इन पर तलाके दू के तीनों ड्रैग फ्लिक को इंग्लैंड के गोलरक्षक जॉर्ज पिनार ने रोक कर चीन को बढ़त लेने से रोक दिया। तीन मिनट बाद इंग्लैंड को लगातार दो और पेनाल्टी कॉर्नर मिले लेकिन ये बेकार गए।
चौथे और आखिरी क्वॉर्टर के तीसरे मिनट में चीन की रक्षापंक्ति की क्षणिक भूल का लाभ उठाकर लियाम एंसेल ने दाएं से डी में घुसकर तेज वॉली लगाकर गोल कर इंग्लैंड को 2-1 से आगे कर दिया। तलाके दू ने दूसरे क्वार्टर में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर पर चूकने के बाद अपनी गलती को सुधारते हुए चौथे और अंतिम पर गोल कर चीन को दो-दो से बराबरी दिला दी। जैसे ही चीन की टीम मैदान से बाहर आई तो दर्शकों ने बेहतरीन हॉकी खेलने के लिए उनका तालियां बजाकर खूब स्वागत किया।