फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेहतर फिनिशिंग से पा सकते हैं मकसद : वाल्श

Thu, 22 May 2014 06:46 PM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन
अपने ऑस्ट्रेलियाई हॉकी उस्ताद टैरी वाल्श के मार्गदर्शन में भारतीय हॉकी टीम वर्ल्ड कप में शिरकत करने हेग (हॉलैंड) रवाना हो चुकी है।
विज्ञापन


वाल्श अपने पूर्ववर्ती ऑस्ट्रेलियाई कोच माइकल नोब्स से कहीं ज्यादा सख्त हैं। वह बड़े वादे करने की बजाय हकीकत में जीते हैं। उनसे इस वर्ल्ड कप में भारत की संभावनाओं पर प्रस्तुत है अमर उजाला की खास बातचीत।

कैसी है भारत की विश्व कप की तैयारी?
भारत की तैयारी सही दिशा में है। हालांकि हमें इस बात को जेहन में रखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी टीमें हमसे बहुत आगे हैं। हमने उनसे कदमताल करने के लिए जमीनी स्तर से कार्यक्रम भी बनाया है। हमने अपने खिलाड़ियों को जेहनी तौर पर मजबूत बनाने की पूरी कोशिश की है। हमने जो भी योजना बनाई है खिलाड़ियों को उसे अमली जामा पहनाना होगा। खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच दिखानी होगी। उन्हें अपनी गलतियों से सबक लेना सीखना होगा। मॉडर्न हॉकी में कौशल के साथ मैदान पर मैच के मिजाज के मुताबिक खेल दिखाना अहम है। साथ ही सबसे अहम है गोल के अभियान को गोल में तब्दील करना। हमने अपनी तैयारियों पर इन चीजों पर खास जोर दिया है।
विज्ञापन


शुरू के तीन विश्व कपों में हमने कदम ब कदम आगे बढ़ कर खिताब जीता। अफसोस, उसके बाद तो हम पदक को तरस गए, क्यों ? कैसे थमेगा यह सिलसिला?
इसके लिए भारतीय खिलाड़ियों को अपना मानस बदलना होगा। पिच पर बेहतर संवाद के साथ हमारे खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करना होगा। उन्हें पिच बेहतर समझ दिखानी होगी। हर किसी को अपना रोल पूरी शिद्दत से निभाना होगा। खिलाड़ियों को सीधे केवल गोल पर हमला बोलने की बजाय योजनाबद्ध ढंग से हॉकी खेलनी होगी। हमारा मुख्य जोर मनोवैज्ञानिक मजबूती के साथ बेसिक्स को जेहन में रख कर मजबूत प्रदर्शन करने पर है।

वर्ल्ड कप में कहां तक जाएगी भारत की चुनौती?
हमें हकीकत को समझना होगा। टीम से पदक की आशा चमत्कार से कम नहीं होगी। टॉप सिक्स में पहुंचना भी बहुत कठिन चुनौती जरूर है हालांकि अपनी पूरी क्षमता और बेहतर फिनिशिंग से हम इस मकसद को पा सकते हैं। इसके लिए पहले भारतीय टीम को अपने पूल में ही टॉप फोर में आना ही होगा। भारत के पूल ‘ए’ में वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, इंग्लैंड और स्पेन और मलेशिया सहित किसी भी टीम को कम नहीं आंका जा सकता है। जरा सा चूके तो हमें टॉप 8 में रहने के लिए भी जूझना पड़ सकता है। वर्ल्ड कप से यह आंकने का मौका मिल जाएगा कि हम दुनिया की टॉप टीमों में कहां खड़े हैं। इसके बाद उसे राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेलों और चैंपियंस ट्रॉफी में शिरकत करनी है। मेरी निगाह में विश्व कप के बाद राष्ट्रमंडल खेल हैं। एशियाई खेलों में खिताब जीत कर सीधे ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाई कर जाएंगे।

टॉप 6 के मकसद को पाने के लिए किन खिलाड़ियों पर रहेगा दारोमदार?
गुरबाज सिंह की लंबे समय बाद वापसी हुई है। वह मेरी निगाह में वर्ल्ड क्लास फुलबैक हैं। मनप्रीत  सिंह भारतीय किले की मजबूती से चौकसी करते हैं। इनके साथ ही बीरेंद्र लाकड़ा मेरी निगाह में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर हैं। कोथाजीत सिंह सबसे फिट और मजबूत डिफेंडर हैं। वीआर रघुनाथ और रुपिंदर पाल सिंह के रूप में भारत के पास दुनिया के दो सबसे खतरनाक ड्रैग फ्लिकर हैं। ये दोनों बेहतरीन डिफेंडर भी हैं। दुनिया में आज वही टीमें कामयाब हैं जो पेनल्टी कॉर्नर पर अच्छा बचाव करती हैं। ऐसे में हमें अपने किले की चौकसी पर खासा ध्यान होना होगा। रही बात गोलकीपिंग की तो पीआर श्रीजेश के रूप में हमारे पास देश का बेहतरीन गोलकीपर है। हमारे डिफेंस को प्रतिद्वंद्वी के हमले के वक्त गेंद को अपनी डी से बाहर करना होगा।

टीम की ताकत आपकी निगाह में?
हमारी मध्यपंक्ति हमारी ताकत है। कप्तान सरदार सिंह के रूप में टीम में बेहतरीन मिडफील्डर हैं। धर्मवीर सिंह और चिंगलेनसाना सिंह सरदार के साथ भारत के आक्रमण और रक्षण की मजबूत कड़ी साबित होंगे। धर्मवीर सही मायनों में छिपे रुस्तम हैं। वह सरदार के साथ टीम को मैच पर पकड़ बनाए रखने में अहम साबित होंगे। चिंगलेनसाना किसी भी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के पीछे साये की तरह लगकर उसकी पूरी टीम को पंगु बनाने का दम रखते हैं। एसके उथप्पा में अब संभावनाओं को मैदान पर दिखाने का वक्त है। जसजीत सिंह कुलार का पहला वर्ल्ड कप है लेकिन मुझे उनमें अपार संभावनाएं दिखाई देती हैं।
विज्ञापन


फॉरवर्ड लाइन में खटकती है अनुभव की कमी?
एसवी सुनील टीम के सबसे अनुभवी फॉरवर्ड हैं। आकाशदीप, मंदीप, रमणदीप और निकिन थिमैय्या मौकों को भुनाना खूब जानते हैं। खासतौर पर यंग आकाशदीप को यह मालूम है कि डी में किस वक्त कहां गेंद आएगी। इन सभी की फिनिशिंग अचूक ही तो फिर भारत इस वर्ल्ड कप में बेहतर उम्मीद कर सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें