भारतीय रक्षण की कमी एक बार फिर उजागर हो गई जब रविवार को हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स में तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में भारतीय टीम को ब्रिटेन के हाथों 1-5 से हार झेलने को विवश होना पड़ा।
कांस्य पदक की हकदार बनी ब्रिटेन टीम की ओर से एलिस्टर ब्रोगडोन (11वां मिनट), क्रिस गिफिथ (27वां मिनट), एश्ले जैक्सन (37वां मिनट) डिक्सन (42) और मिडिलटन (44वां मिनट) ने गोल किए। भारत की ओर से एकमात्र गोल पेनाल्टी कॉर्नर पर रुपिंदर पाल सिंह (59वां मिनट) ने किया।
ब्रिटेन की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर बनाए थे। खासतौर पर पलटवार करते समय उनके फारवर्डों की तेजी के आगे भारतीय रक्षण पंक्ति की खामी साफ नजर आई।
पहले क्वार्टर के 11वें मिनट में ही ब्रिटेन ने खाता खोल लिया जब पेनाल्टी कॉर्नर पर एलिस्टर ब्रोगडोन ने गोल कर दिया। ब्रिटेन ने 27वें मिनट में भारतीय डिफेंस में आई दरार का फायदा उठाते हुए बढ़त 2-0 कर दी। क्रिस ग्रिफिथ को सेंटर से सर्किल में तेज पास मिला जिस पर उन्होंने अपनी हल्की सी स्टिक अड़ाई और गेंद गोल में चली गई।
36वें मिनट में भारत के पास बेहतरीन मौका था जब रमनदीप को सर्किल के बाहर गेंद मिली थी और उन्हें सिर्फ एडवांस हो गए गोलकीपर को मात देनी थी लेकिन वह नाकाम रहे।
ब्रिटेन ने अगले ही क्षण तेज पलटवार कर एश्ले जैक्सन की मदद से गोल कर दिया। तीसरे क्वार्टर की समाप्ति से पहले ब्रिटेन ने 42वें मिनट में पेनाल्टी कार्नर पर डिक्सन ने और दो मिनट बाद कप्तान मिडिलटन ने गोल कर दिया।
अंतिम क्षणों में रूपिंदर ने दूसरे पेनॉल्टी कॉर्नर पर गोल कर बस हार का अंतराल कम किया। ब्रिटेन की टीम ने पहली बार भारत के खिलाफ पांच गोल किए हैं।