एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक जीत चुकीं मध्यम दूरी की धाविका हरमिलन बैंस का मानना है कि भारतीय खेलों में तेजी से सुधार हो रहा है, लेकिन खिलाड़ियों को मिलने वाले मौके और सम्मान अब भी समान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश में खेलों के लिए बेहतर माहौल और सुविधाएं जरूर बनी हैं, लेकिन हर खिलाड़ी को एक जैसा समर्थन नहीं मिल पाता।
'अच्छा प्रदर्शन करने वालों को भी समान नौकरी नहीं मिलती'
हरमिलन ने खिलाड़ियों के करियर और सरकारी नौकरियों को लेकर अपनी राय खुलकर रखी। उन्होंने कहा, 'कुछ खिलाड़ियों को सफलता मिल जाती है, जबकि कुछ अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उसी स्तर की नौकरी हासिल नहीं कर पाते। अगर आज के पदक विजेताओं की तुलना पुराने दौर के खिलाड़ियों से करें, तो अब हालात सबके लिए एक जैसे नहीं रहे।' उन्होंने बताया कि पहले बड़े टूर्नामेंट में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे ऊंचे सरकारी पदों पर नियुक्ति मिल जाती थी। हरमिलन ने कहा, 'पहले खिलाड़ियों को डीएसपी जैसे पद सीधे मिल जाते थे। आज भी ऐसे अवसर हैं, लेकिन पहले की तुलना में काफी कम हो गए हैं।'
हरमिलन
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जन्म से पहले ही शुरू हो गया था खेलों से रिश्ता
27 वर्षीय हरमिलन बैंस ने अपने खेल सफर को याद करते हुए कहा कि उनका रिश्ता खेलों से जन्म से पहले ही जुड़ गया था। उन्होंने कहा, 'मेरी खेल यात्रा तो मेरे जन्म से पहले ही शुरू हो गई थी। जब मेरी मां गर्भवती थीं, तब उन्होंने फर्टिलाइजर बोर्ड और बिजली बोर्ड के लिए ट्रायल दिए थे। एक तरह से वहीं से मेरी शुरुआत हुई।' हरमिलन ने बताया कि उनके माता-पिता ने बचपन से ही उन्हें खेलों के लिए प्रेरित किया और पिछले करीब 22 से 24 वर्षों से खेल उनके जीवन का हिस्सा हैं।
फिटनेस, रिकवरी और पोषण पर दिया जोर
भारतीय धाविका ने आधुनिक खेलों में रिकवरी और सही खानपान को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा, 'ट्रेनिंग के बाद रिकवरी सबसे जरूरी हिस्सों में से एक है, क्योंकि उसी पर अगला प्रदर्शन निर्भर करता है। इसलिए शरीर को सही पोषण, प्रोटीन और जरूरी तत्व देने वाला भोजन बेहद जरूरी है।' उन्होंने आगामी सीजन को लेकर भी अपनी योजना साझा की और कहा कि फिलहाल उनका लक्ष्य फिट रहना और सभी निर्धारित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना है।
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छोटे अकादमियों की भूमिका अहम
हरमिलन ने भारतीय खेलों में सुधार के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'भारत निश्चित रूप से आगे बढ़ रहा है, क्योंकि अब खिलाड़ियों के लिए अच्छे प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं। SAI युवा खिलाड़ियों के लिए शानदार मंच है, लेकिन बच्चों को अभी यह समझ नहीं है कि उस स्तर तक कैसे पहुंचना है।' उन्होंने आगे कहा कि छोटे स्तर की अकादमियां इस अंतर को भरने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
गुरिंदरवीर सिंह की तारीफ भी की
हरमिलन ने हाल ही में सफलता हासिल करने वाले खिलाड़ी गुरिंदरवीर सिंह को भी बधाई दी और सीमित सुविधाओं के बावजूद उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय खेलों में बढ़ती संभावनाओं को दिखाती हैं।