कुश्ती को ओलंपिक खेलों से निकाले जाने के मुद्दे को केंद्र सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। इस संबंध में सरकार ने 70 देशों के खेल मंत्रियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की अपील की है।
समाजवादी पार्टी के रामकिशुन सिंह द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कुश्ती को ओलंपिक खेलों से बाहर किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और साथ ही स्पष्ट किया कि अभी आईओसी के इस कदम की पुष्टि नहीं हुई है और इस खेल को ओलंपिक खेलों की सूची से बाहर नहीं किया गया है बल्कि इस संबंध में प्रस्ताव लाया गया है।
खेल मंत्री ने बताया कि उन्होंने खुद 70 देशों के खेल मंत्रियों को इस संबंध में पत्र लिखा है और साथ ही इन देशों में स्थापित भारतीय दूतावासों और मिशनों से भी मुद्दे को संबंधित देशों के साथ उठाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक खेल आयोजन समिति से कहा गया है कि कुश्ती 1896 में सबसे पहले आयोजित ओलंपिक खेलों का हिस्सा थी और इस स्पर्धा में 70 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था।
गौरतलब है कि फरवरी की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कुश्ती को ओलंपिक खेलों की सूची से हटाए जाने का फैसला किया था। यह फैसला 2020 के ओलंपिक खेलों से प्रभावी होने की बात कही गई है।