भारतीय हॉकी टीम ने पिछले हफ्ते 32 साल पहले एशियाई खेलों के फाइनल में पाकिस्तान के हाथों मिली हार का बदला लेते हुए इस बार स्वर्ण पदक जीता था। इस खिताबी जीत के साथ ही भारत ने रियो ओलंपिक 2016 के लिए टिकट कटा लिया है।
इंचियोन में निर्धारित समय तक कड़े मुकाबले के बाद कोई भी टीम बढ़त बनाने में नाकाम रही और मैच 1-1 से बराबरी पर खत्म हुआ। मैच का फैसला पेनाल्टी शूट आउट से किया जाना था, यानी की टीम को जीताने की अब असली चुनौती गोलकीपरों के सामने थी।
अनुभवी भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने अपने अनुभव का जबर्दस्त फायदा उठाया और पाकिस्तान के 4 आक्रमण में से 2 को रोक दिया और भारत को 16 साल बाद एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक दिला दिया। मैच खत्म होने के बाद श्रीजेश अचानक सभी के हीरो बन गए थे।
श्रीजेश के खेल से खुश हुई राज्य सरकार
कई मौकों पर जीत के नायक बने भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने एशियाई खेलों के फाइनल में पाकिस्तान जैसी कट्टर प्रतिद्वंद्वी टीम के सामने का गजब का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया था। उनके इस प्रदर्शन ने केरल सरकार को भी खुश कर दिया।
केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने उन्हें सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। 26 साल के श्रीजेश जो एर्नाकुलम जिले से ताल्लुक रखते हैं ने इच्छा जताई थी कि अपने राज्य के लिए काम करना चाहते हैं। फिलहाल श्रीजेश इंडियन ओवरसीज बैंक में मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री चांडी ने कहा कि साल 2012 में राज्य सरकार ने केरल के उन 5 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का ऑफर दिया था जो राज्य से बाहर नौकरी कर रहे थे, इनमें से सिर्फ श्रीजेश ने राज्य सरकार का ऑफर स्वीकार किया।
उन्होंने कहा, "हमने उन्हें खेल अधिकारी के रूप में नौकरी देने का प्रस्ताव दिया था जो शिक्षा विभाग में एक सहायक शिक्षा अधिकारी के समकक्ष होगा।"
हॉकी टीम के 'विराट कोहली' हैं श्रीजेश
गोलकीपर श्रीजेश ने 2006 में पहली बार भारतीय हॉकी टीम के लिए शामिल किए गए थे। उस दौरान वह कोलंबो में दक्षिण एशियाई खेलों में भारतीय टीम का हिस्सा थे। इसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा रहे हैं।
एशियाई खेलों में पीआर श्रीजेश टीम इंडिया के उपकप्तान भी थे और गोल रोककर उन्होंने अपनी बखूबी भूमिका निभाई। विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान हैं।
गोलकीपर श्रीजेश हॉकी इंडिया लीग में मुंबई मैजिसियंस के लिए खेलते हैं।