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होटल में महिलाकर्मी से छेड़छाड़ मामले में भारतीय रेफरी गिरफ्तार!

Mon, 04 Aug 2014 12:07 PM IST
एजेंसी/ग्लास्गो
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20वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर उस समय बट्टा लग गया जब आयोजन के अंतिम दिन 2 भारतीय अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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2 अधिकारियों की गिरफ्तारी से भारतीय दल में भी निराशा छा गई। भारत ने शानदार खेल दिखाते हुए 15 स्वर्ण, 30 रजत और 19 कांस्य सहित कुल 64 पदक जीते और वह पदक तालिका में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मेजबान स्कॉटलैंड के बाद पांचवें स्थान पर रहा।

हालांकि भारत का यह प्रदर्शन चार वर्ष पहले दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में 38 स्वर्ण सहित 101 पदक जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था लेकिन ग्लासगो में टीम इंडिया के लिए दिल्ली दूर रह गई।
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पुलिस हिरासत में रहेंगे ये दोनों भारतीय

राष्ट्रमंडल खेलों के अंतिम दिन भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के महासचिव राजीव मेहता और कुश्ती रेफरी वीरेंदर मलिक को विभिन्न आरोपों में ग्लासगो में गिरफ्तार कर लिया गया।

खबरों के मुताबिक मेहता को शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है जबकि मलिक पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है।

स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक, 45 और 49 वर्षीय दोनों भारतीय अधिकारियों को सोमवार को ग्लासगो में एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। तब तक दोनों पुलिस हिरासत में ही रहेंगे।

आयोजकों के मेहमान थे दोनों भारतीय

हालांकि गिरफ्तार ये दोनों अधिकारी भारत के आधिकारिक 215 सदस्यों के दल का हिस्सा नहीं हैं, जो खेल गांव में रुका है। ये दोनों कथित तौर पर स्थानीय होटल में रुके थे।

रिपोर्टों के अनुसार भारतीय अधिकारियों में एक को ग्लास्गो सिटी सेंटर और दूसरे को शहर के पश्चिमी हिस्से से गिरफ्तार किया गया है।

बताया जा रहा है कि रेफरी वीरेंदर मलिक ने होटल में किसी अधिकारी को कथित तौर पर शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया था।

महिला होटलकर्मी के साथ की थी छेड़छाड़!

वीरेंदर मलिक को ग्लास्गो यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस क्वीन मारग्रेथ रेजीडेंसी में ठहराया गया था। उनके साथ एक अन्य भारतीय रेफरी भी रुके थे। दोनों ही एक अगस्त की रात खाना खाने के एक भारतीय रेस्टोरेंट गए।

दोनों की ही सुबह साढ़े सात बजे दिल्ली के लिए फ्लाइट थी। पांच बजे सुबह के लिए दोनों ने एयरपोर्ट के लिए टैक्सी बुक कराई थी। दोनों जब गेस्ट हाउस आए तो मलिक ने कहा वह आराम करने के लिए कमरे में जा रहा है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर दूसरे रेफरी ने खुलासा किया कि जब सुबह पांच बजे मलिक नहीं आए तो उन्होंने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो वह घबरा गए। उन्हें लगा कोई अनहोनी हो गई है।
इसके बाद वह रिसेप्शन की ओर भागे तो उन्होंने देखा पुलिस खड़ी है। पुलिस ने उन्हें बताया कि मलिक को गिरफ्तार किया जा चुका है। वह खुद एयरपोर्ट जा सकते हैं। पुलिस ने रेफरी को यह भी नहीं बताया कि उन्हें किस कारण गिरफ्तार किया गया है।

सिर्फ उन्हें इसकी सूचना भारतीय दल के चेफ डि मिशन राज सिंह को देने की इजाजत दी गई। इसके बाद रेफरी ने ही राज सिंह को इस बारे में बताया। उन्होंने ही भारत आकर मलिक के भाई कुलदीप सिंह को इस बारे में बताया।

हालांक‌ि बताया जा रहा है कि रेफरी मलिक ने होटल में किसी अधिकारी को कथित तौर पर शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया था जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तार की गई है।

भारतीय खिलाड़ी की जीत जश्न पड़ा भारी

दूसरी ओर, सूत्रों के मुताबिक जिमनास्ट दीपा कर्माकर की ओर से जीते गए कांस्य पदक का जश्न मनाने के लिए प्रतिबंधित फेडरेशन के अध्यक्ष जसपाल कांधारी की ओर से शहर के एक होटल में पार्टी दी गई थी।

इसी पार्टी में आईओए के सारे पदाधिकारियों के साथ राजीव मेहता सपरिवार मौजूद थे।

मेहता की पत्नी पहले ही इस पार्टी से चली गईं। मेहता बाद में गए। सूत्र बताते हैं कि मेहता जब होटल से निकले तो उन्होंने शराब पी रखी थी। मेहता के साथ मौजूद आईओए के अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि मेहता की गाड़ी किसी अन्य गाड़ी से टकराई है। इसके बाद ही उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया।

दोषी पाए गए तो जाएंगे जेल

लंदन में भारतीय उच्चायोग ने बताया, हमें ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी की सूचना मिली है। हमारे एडिनबर्ग स्थित वाणिज्य दूतावास ने इस पूरे मामले पर नजर रखने और ग्लास्गो अधिकारियों से संपर्क में रहने के लिए अपने अधिकारियों को वहां भेजा है।

ये अधिकारी इस मामले से जुड़ तथ्य एकत्र करेंगे। हम टीम के संपर्क में भी हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलीटों के बेहतरीन प्रदर्शन और पदक जीतने के सिलसिले के बीच इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की इज्जत पर दाग लगा दिया है।

स्थानीय कानून के मुताबिक यदि मेहता पर आरोप साबित होता है तो उन पर जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।
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भारत में भी मिल सकती है कड़ी सजा

भारतीय खेल मंत्री सर्बानंद सोनोबल ने कहा है कि आईओए महासचिव राजीव मेहता और कुश्ती के भारतीय रेफरी वीरेंद्र मलिक पर आरोप साबित होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, "हमारे पास घटना की अभी विस्तृत जानकारी नहीं है। हमने अपने अधिकारियों से कह दिया है कि वह उच्चायुक्त और स्कॉटलैंड पुलिस से इस संबंध में बात करें। अभी तक जो कुछ भी जानकारी हमारे पास उसके मुताबिक दोनों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा और गलत साबित होने पर कोर्ट अपने हिसाब से कार्रवाई करेगी।"

उन्होंने कहा, "हालांकि मीडिया के माध्यम से जो जानकारी मिली है अगर वह सही है तो निश्चित रूप से यह शर्मनाक है क्योंकि हमारे एथलीटों ने देश के लिए पूरी मेहनत और लगन से प्रदर्शन से किया है। लेकिन, इस तरह की घटना से हर भारतीयों का दिल टूटा होगा। अगर दोनों पर आरोप सही साबित होते हैं तो निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
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