ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग का मानना है कि 90 मीटर की मानसिक बाधा को पार करने के बाद स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा अब अपनी सीमाओं को और आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे ताकि वह ऐसे कार्य कर सकें जिन्हें पहले उनकी पहुंच से बाहर माना जाता था। नीरज ने शुक्रवार को दोहा डाइमंड लीग में 90.23 मीटर के प्रयास से 90 या इससे अधिक दूरी तक भाला फेंकने वाले खिलाड़ियों की एलीट सूची में जगह बनाई।
'अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र'
नारंग ने कहा, 'अब वह अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं। एक सीमा, वह मानसिक बाधा जो शायद कुछ समय से उनके दिमाग में चल रही थी, अब टूट गई है।' नीरज हालांकि दोहा में जर्मनी के जूलियन वेबर के बाद दूसरे स्थान पर रहे जिन्होंने 91.06 मीटर के प्रयास से पहला स्थान हासिल किया। नारंग ने इस उपलब्धि को भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद शानदार बताया और इसके व्यापक महत्व पर जोर दिया।
'नीरज के लिए यह आत्मविश्वास बेहद महत्वपूर्ण'
उन्होंने कहा, 'यह केवल दूरी के बारे में नहीं है। यह भारतीय खेल के लिए क्या संभव है इसे फिर से परिभाषित करने के बारे में है, विशेषकर वैश्विक मंच पर। यह उनके लिए सत्र की पहली प्रतियोगिता थी। कई और प्रतियोगिताएं होने वाली हैं। इसलिए उस बाधा को तोड़ना महत्वपूर्ण है, मुझे लगता है कि सही समय पर सही स्कोर प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इस उपलब्धि को आगे बढ़ाने के लिए नीरज के लिए यह आत्मविश्वास बेहद महत्वपूर्ण है।
निशानेबाजी पर बोले गगन नारंग
लंदन ओलंपिक 2012 के कांस्य पदक विजेता ने प्रस्तावित निशानेबाजी लीग के बारे में आशा व्यक्त की जिसे नवंबर 2025 में शुरू किया जाना है। उन्होंने कहा, 'हम लंबे समय से एक लीग के बारे में सोच रहे हैं। भारतीय निशानेबाज बुंदेसलीगा में प्रतिस्पर्धा करने के लिए जर्मनी जाते हैं – अब समय आ गया है कि हम कुछ अलग करें।'