फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Neeraj Chopra: 90 मीटर पार करने वाले नीरज की गगन नारंग ने की तारीफ, कहा- मानसिक बाधा दूर हुई, अब वह स्वतंत्र

Mon, 19 May 2025 01:49 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नारंग ने कहा, 'अब वह अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं। एक सीमा, वह मानसिक बाधा जो शायद कुछ समय से उनके दिमाग में चल रही थी, अब टूट गई है।'
विज्ञापन
गगन नारंग और नीरज चोपड़ा - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग का मानना है कि 90 मीटर की मानसिक बाधा को पार करने के बाद स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा अब अपनी सीमाओं को और आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे ताकि वह ऐसे कार्य कर सकें जिन्हें पहले उनकी पहुंच से बाहर माना जाता था। नीरज ने शुक्रवार को दोहा डाइमंड लीग में 90.23 मीटर के प्रयास से 90 या इससे अधिक दूरी तक भाला फेंकने वाले खिलाड़ियों की एलीट सूची में जगह बनाई।
विज्ञापन

'अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र'

नारंग ने कहा, 'अब वह अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं। एक सीमा, वह मानसिक बाधा जो शायद कुछ समय से उनके दिमाग में चल रही थी, अब टूट गई है।' नीरज हालांकि दोहा में जर्मनी के जूलियन वेबर के बाद दूसरे स्थान पर रहे जिन्होंने 91.06 मीटर के प्रयास से पहला स्थान हासिल किया। नारंग ने इस उपलब्धि को भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद शानदार बताया और इसके व्यापक महत्व पर जोर दिया।

'नीरज के लिए यह आत्मविश्वास बेहद महत्वपूर्ण'

उन्होंने कहा, 'यह केवल दूरी के बारे में नहीं है। यह भारतीय खेल के लिए क्या संभव है इसे फिर से परिभाषित करने के बारे में है, विशेषकर वैश्विक मंच पर। यह उनके लिए सत्र की पहली प्रतियोगिता थी। कई और प्रतियोगिताएं होने वाली हैं। इसलिए उस बाधा को तोड़ना महत्वपूर्ण है, मुझे लगता है कि सही समय पर सही स्कोर प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इस उपलब्धि को आगे बढ़ाने के लिए नीरज के लिए यह आत्मविश्वास बेहद महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन

निशानेबाजी पर बोले गगन नारंग

लंदन ओलंपिक 2012 के कांस्य पदक विजेता ने प्रस्तावित निशानेबाजी लीग के बारे में आशा व्यक्त की जिसे नवंबर 2025 में शुरू किया जाना है। उन्होंने कहा, 'हम लंबे समय से एक लीग के बारे में सोच रहे हैं। भारतीय निशानेबाज बुंदेसलीगा में प्रतिस्पर्धा करने के लिए जर्मनी जाते हैं – अब समय आ गया है कि हम कुछ अलग करें।'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें