उद्योग संगठन एसोचैम का आकलन है कि देश में फार्मूला वन ग्रां पी के आयोजन से अगले दस वर्ष में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित होगी। इसके साथ ही व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित कर्मियों के लिए 15 लाख नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
एसोचैम के मुताबिक शुक्रवार से ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में शुरू हो रही इस तेज रफ्तार मोटर रेस के टिकटों की बिक्री, विज्ञापन और आतिथ्य से जुड़ी गतिविधियों से ही अकेले 10 करोड़ रुपये की आय होगी। इससे ग्रेटर नोएडा में व्यावसायिक और रिहाइशी भवनों की कीमतें भी ऊपर जाएंगी।
भारतीय कंपनियों को मिलेगा प्रचार का मौका
उद्योग संगठन के महासचिव डीएस रावत ने फार्मूला वन के आयोजन से होने वाले लाभों को इंगित करते हुए कहा कि वित्तीय पक्ष के अलावा इसके कई और लाभ भी होंगे। ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए बेकरार कंपनियों को फार्मूला वन में विज्ञापन के जरिए लाखों लोगों तक पहुंच बनाने का मौका मिलेगा। भारतीय कंपनियों को रेस में शामिल होने वाली टीमों के विज्ञापन के साथ जुड़कर किफायती खर्च पर दुनिया भर के दर्शकों तक अपना संदेश भेजने का अवसर मिलेगा। होटल और पर्यटन कारोबार भी तरक्की करेगा। रावत ने कहा कि फार्मूला वन जैसे आयोजन से दुनिया में देश की छवि भी निखरेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश दिया जा सकेगा कि भारत इतने महंगे खेलों के आयोजन का माद्दा रखता है।
28 से 30 अक्टूबर तक चलेगी रेस
एसोचैम के मुताबिक खेल मार्केटिंग का एक सशक्त माध्यम हैं, क्योंकि इसके साथ लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी होती हैं। ऐसे में इन भावनाओं का कंपनियों का ब्रांड नाम चलाने के लिए बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। फार्मूला वन रेस का आयोजन 28 से 30 अक्टूबर तक होगा। इसके लिए ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में 2 हजार करोड़ की लागत से विशेष ट्रैक बनाने के साथ ही कई अन्य बंदोबस्त भी किए गए हैं। लोगों के बीच इसे लेकर जो उत्साह है उसे देखते हुए लगता है कि यह आयोजन काफी सफल होगा।