विश्व कप की मेजबान टीम रूस सोमवार को जब दो बार की चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ उतरेगी तो उसे घरेलू दर्शकों का बड़ा समर्थन मिलेगा जो पहले दो मैचों में जीत के बाद बेहद उत्साहित हैं। ग्रुप ए में दोनों टीमें अपने पहले दो मैच जीत चुकी हैं और अब उनके बीच शीर्ष पर रहने की होड़ है। इस ग्रुप की बाकी दोनों टीमें सऊदी अरब और मिस्र दो-दो मैच हारकर पहले ही बाहर हो चुकी हैं।
विश्व कप शुरू होने से पहले मेजबान टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा रही थी लेकिन सऊदी अरब के खिलाफ पहले मैच में 5-0 की जीत से शुरुआत करने वाली रूसी टीम ने दूसरे मैच में मिस्र को 3-1 से पराजित किया। दो मैचों में आठ गोल करने के बाद ड्रॉ भी मेजबान टीम को ग्रुप में शीर्ष पर ला सकता है। ऐसे में अगले दौर में उन्हें स्पेन या स्टार स्ट्राइकर पुर्तगाल की टीम से भिड़ना पड़ेगा। हालांकि ग्रुप बी में ईरान भी अभी दावेदारी में बाकी है। अगर रूस को अगले दौर में बेहतर करना है तो उुरुग्वे की टीम के सामने उसकी असली परीक्षा होगी।
मिस्र के खिलाफ रूस की रक्षा पंक्ति ने अच्छा खेल दिखाया था जब मोहम्मद सालाह जैसे तेजतर्रार स्ट्राइकर पर अंकुश रखने में सफल रही थी। हालांकि सालाह अपने कंधे की चोट से उबरने के बाद उतरे थे। मिडफील्डर डेनिस चेरिशेव अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इस विश्व कप से पहले रूस ने सात मैचों से जीत नहीं मिली थी।
टीम की रैंकिंग भी 70 तक पहुंच गई। लुईस सुआरेज और एडिनसन कावानी जैसे खिलाड़ियों से सजी उरुग्वे की टीम के खिलाफ अगर रूस बेहतर करता है तो वह यह साबित कर पाएगा कि उसे कमतर आंकना ठीक नहीं। बता दें कि 1986 के बाद पहली बार दूसरे दौर में पहुंचने में सफल रहा है रूस तब सोवियत संघ की टीम अंतिम-16 में बेल्जियम से हारी थी।