स्पोर्टिंग लिस्बन के साथ सिर्फ 5 मैच खेलने का मौका मिलने के बाद भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री अब अधिक व्यवहारिक रवैया अपनाएंगे और पुर्तगाल के इस क्लब के साथ दूसरे सत्र के लिए जुड़ने से पहले टीम से अपने भविष्य के बारे में बात करेंगे।
छेत्री ने कहा, ‘मैं बाहर बैठने का आदी नहीं हूं। मेरे पूरे जीवन में मैं अपने क्लब और देश के लिए नियमित तौर पर पूरे 90 मिनट खेला हूं। यह बार-बार मेरे दिमाग में आता है। अगर आफ फिट हों लेकिन मैच में नहीं खेल रहे तो मानसिक तौर पर यह आपके लिए नुकसानदायक होता है। छह महीने मैंने लिस्बन की बी टीम की ओर से पांच मैच खेले जो मेरे आत्मविश्वास के लिए सही नहीं है।’
उन्होंने कहा, 'मैं तीन महीने पहले वापस आया और तब अब तक चर्चिल ब्रदर्स के लिए 14-15 मैच खेला। हमने लीग भी जीता। अब मैं फिर पुर्तगाल जा रहा हूं। वहां नए सिरे से देखता और बात करता हूं।'
स्पोर्टिंग लिस्बन के साथ छेत्री का अनुबंध जून 2014 तक है।