फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुब्रत कप फुटबॉल टूर्नामेंट इस बार समय से पहले, क्लब टीमें नहीं लेंगी भाग

Thu, 17 Aug 2017 01:04 AM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह 
विज्ञापन
football
विज्ञापन
भाईचुंग भूटिया और सुनील छेत्री सरीखे नामचीन स्ट्राइकर देश को जमीनी स्तर पर जूनियर फुटबॉल की सबसे बड़ी पाठशाला कहे जाने वाले सुब्रत कप की देन है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। देश में जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तलाशने में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित किए जाने वाले सुब्रत कप अंडर-17 और अंडर-14 आयु वर्ग के लड़कों और लड़कियों के फुटबॉल टूर्नामेंट का योगदान अतुलनीय है।
विज्ञापन


सुब्रत कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल का 58 वां संस्करण इस साल अपने नियत समय से करीब तीन हफ्ते पहले 22 अगस्त से शुरू होकर 26 सितंबर तक होगा। इसका आयोजन तीन आयु वर्गो में यहां राजधानी में तीन स्थानों पर किया जाएगा। सुब्रत कप जूनियर लड़कों और लड़कियों के (अंडर-17) के साथ सब जूनियर लड़कों (अंडर-14)के लिए आयोजित किया जाएगा।

देश में छह अलग अलग शहरों में 6 से 28 अक्टूबर तक आयोजित किए जाने वाले फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल के आयोजन के चलते ही यह टूर्नामेंट अपने तय समय से पहले आयोजित किया जा रहा है। इस बार लड़कों और लड़कियों के जूनियर और सब जूनियर वर्ग के सभी वर्गों के सेमीफाइनल और फाइनल सहित सभी  सहित नॉकआउट मुकाबले दिल्ली के डॉ. आम्बेडकर स्टेडियम में होंगे। पिछली बार इस सुब्रत कप में 10 विदेशी टीमों सहित 112 टीमों ने शिरकत की थी। इस बार सुब्रत कप में तीनों वर्गो में विदेशी टीमों सहित 99 टीमें शिरकत करेंगी।
विज्ञापन


इस बार इसमें शिरकत करने वाली विदेशी टीमों में  इनमें अफगानिस्तान,बांग्लादेश , इंडोनेशिया, सिंगापुर और नेपाल की टीमें शामिल हैं। इस बार अफगानिस्तान और बांग्लादेश और अफगानिस्तान  तीनों वर्गों में और नेपाल और अन्य देश कुछ वर्गों में अपनी टीमें उतारेंगे।

इस बार सुब्रत कप फुटबॉल की सबसे खास बात यह होगी कि इस बार आयोजन समिति ने इसमें क्लबों (अकैडमी ) की टीमों शिरकत करने पर रोक लगा दी है। इस बाबत ‘अमर उजाला’ ने बुधवार
को सवाल किया कि क्लबों (अकैडमी )टीमों के टूर्नामेंट में न रहने से इसकी चमक फीकी पड़ जाएगी तो एसएमएसईएस के वाइस चेयरमैन एयर मार्शल एच एन भागवत ने कहा, ‘हमारा मकसद भारत में देश में जमीनी स्तर खासतौर पर स्कूलों में फुटबॉल का विकास करना है। बहुत सोच विचार के बाद यह क्लब ( अकैडमी )टीमों में हमने इस टूर्नामेंट से बाहर रखने का फैसला किया है। इसे अपने अपने अंदाज से देखा जा सकता है ।

उन्होंने आगे कहा, मैं इस बात से इत्तफाक नहीं रखता कि क्लबों (अकैडमी) की टीमों के टूर्नामेंट में शिरकत न करने से इस टूर्नामेंट की चमक फीकी हो जाएगी। हमने 2014 में टूर्नामेंट में सुधार के मकसद से क्लबों की टीमों को खेलने के लिए बुलाया भी था।  लेकिन तब बाकी टीमों ने यह ऐतराज उठाया था कि क्लब टीमों के पास बेहतर कोच और बेहतर बुनियादी ढांचा होता है और इससे उनका स्तर बेहतर रहता है और वे लाभ की स्थिति में रहती हैं।

दरअसल क्लबों (अकैडमी) का ढांचा बहुत बेहतर होता है और उनकी क्लबों की टीमों के मुकाबले इसमें शिरकत करने वाली देश भर के स्कूलों की टीम अक्सर कमजोर दिखती थी और मुकाबला एक तरह बेमेल सा हो जाता है।   दरअसल यह अंतर कई बार ऐसा दिखता था कि मानों विराट कोहली अंतर जिला टूर्नामेंट खेल रहे हों। अब इस टूर्नामेंट में मुकाबला बराबरी की टीमों में होगा।  मेरी नजर में इस बार बेहतर राजधानी के फुटबॉल फैंस को बेहतर फुटबॉल देखने को मिलेगी। भले ही कुछ प्रायोजक इस बार कम हो गए लेकिन यदि आयोजन में किसी तरह की पैसों की कमी रही तो उसे हम पूरा करेंगे।’

इतनी होगी पुरस्कार राशि 
इस बार अंडर-17 लड़कों और अंडर -17 लड़कियों की विजेता टीमों को बतौर इनाम साढे़ तीन लाख- साढ़े तीन लाख रुपये और दोनो वर्गों के उपविजेता दो -दो लाख रुपये , सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों को 75-75 हजार क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचनेवाली टीमों को 40-40 हजार रुपये दिए जाएंगे।  अंडर-14 लड़कों के वर्गमें विजेता टीम को ढाई लाख रुपये, उपविजेता सवा लाख रुपये , सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों को 50-50हजार रुपये और क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचने वाली टीम को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
विज्ञापन


कार्यक्रम : 
सब जूनियर लड़के (अंडर 14) : 22 अगस्त से 6 सितंबर तक 
जूनियर लड़कियां (अंडर-17): 3 सितंबर से 15 सितंबर तक 
जूनियर लड़के (अंडर-17) 9 सितंबर से 26 सितंबर तक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें