'हमें इस मुकाबले का फाइनल की तरह सामना करना होगा। कारण रूस जब हमारे खिलाफ उतरेगा तो उसके पीछे लुजिन्हकी स्टेडियम में जनसैलाब का समर्थन होगा।' स्पेन के अटैकिंग मिडफील्डर मार्को एसेंसियो के ये शब्द स्पेन और रूस के बीच होने वाले अंतिम 16 मुकाबले की गंभीरता को सामने रख देते हैं।
यह सच्चाई है जब स्पेन रविवार को खेलने उतरेगा तो उसके सामने रूस की टीम के साथ हजारों रूसियों के अपार समर्थन का भारी दबाव भी होगा। भले ही स्पेन ने अब तक ग्रुप दौर में कोई मैच न हारा हो, लेकिन उसका छितराया रक्षण उसकी चिंता का सबसे बड़ा सबब है।
ला रोजा ने तीन मुकाबलों में पांच गोल खाए हैं। वहीं स्टानिस्लॉव चेरचेसोव की टीम स्पेन को लेकर भयभीत नहीं है। दो गोल करने वाले आर्टेम ज्यूबा तो यहां तक कह देते हैं कि अगर हम जीते तो यह महज छोटा चमत्कार भर होगा।
अब तक पूरी तरह रंग में नहीं दिखी है स्पेन
विश्व कप शुरू होने से पहले महज दो दिन पूर्व मुख्य कोच जूलेन लोपेतगुई की बर्खास्तगी के बाद खेल रही स्पेनिश टीम का करिश्माई टच अब तक नहीं दिखा है। उसके पास न कोई बड़े अंतर से जीत है और न ही रक्षण ने अपने काम को बेहतरी से अंजाम दिया है।
ज्यूबा ने बताया बॉक्सिंग मैच
दो जीत के साथ स्वप्निल शुरुआत के बाद रूस को उरुग्वे ने 3-0 से पटखनी दी थी। यह हार उन्हें सोते से जगाने के लिए काफी है। यही कारण है कि आर्टेम ज्यूबा इस मुकाबले को बॉक्सिंग मैच की संज्ञा दे रहे हैं। इसमें एक ओर विश्व चैंपियन है तो दूसरी तरफ युवा और जांबाज टीम। देखें दोनों में कौन विजेता बनता है और फिर अच्छे दिन कोई भी टीम किसी को भी हरा सकती है।
रूस का स्पेन के खिलाफ भयभीत नहीं होने का कारण नवंबर माह में स्पेन को 3-3 से ड्रॉ पर रोकना है। फिर सर्गेई इग्नेशेविच यह मानते हैं कि स्पेनिश टीम डिफेंस में काफी गैप देकर खेल रही है। काउंटर अटैक के दौरान इस खुले गैप का फायदा उठाया जा सकता है। उन्हें लगता है कि स्पेन की टीम में एक यही कमजोर पक्ष है, जिसका रूस जरूर उपयोग करेगा।