स्पेन का इस विश्व कप में भविष्य ईरान के खिलाफ बुधवार को होने वाले मैच पर टिका है। पहले मुकाबले में पुर्तगाल के हीरो क्रिस्टियानो रोनाल्डो की हैट्रिक ने स्पेन को 3-3 की बराबरी पर रोक लिया था। आठ साल पहले चैंपियन रही टीम इस बार के दावेदारों में हैं।
स्पेन को इस विश्व कप में अपना अभियान शुरू करने से पहले कोच जुलने लोपेतेगुई के हटने से झटका लगा। स्पोर्टिंग डायरेक्टर फर्नांडो हिएरो पर अब बड़ा जिम्मा है। स्पेन के मिडफील्डर इसको का कहना है कि ईरान के खिलाफ मैच काफी महत्वपूर्ण है। हमारी कोशिश शुरू में ही गोल करने की रहेगी। हम वही टिकी-टाका शैली अपनाएंगे जिसके लिए मशहूर हैं और गेंद पर ज्यादा से ज्यादा कब्जा रखने की कोशिश रखेंगे। हम तेज खेलेंगे तो मौके भी मिलेंगे।
ईरान ने अपना अभियान मोरक्को के खिलाफ अजीज के गोल की मदद से 1-0 की जीत के साथ शुरू किया है। इससे ग्रुप में स्पेन पर दबाव बढ़ा है। ग्रुप बी में ईरान ही एकमात्र टीम है जिसने जीत हासिल की है। इस जीत के बाद तेहरान और देश के अन्य शहरों में जबर्दस्त जश्न मना था। ईरान के कोच कार्लोस कुइरोज मानते हैं कि उनके सामने बुधवार को विश्व कप इतिहास में सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन उनका कहना है कि हम नामुमकिन को मुमकिन बनाने की कोशिश करेंगे। यह कोई चमत्कार नहीं है कि हम मोरक्को के खिलाफ जीतने में सफल रहे। जब टीम एकजुट होती है तो बड़ी चीजें भी हो सकती हैं। ईरान ने कभी विश्व कप में किसी यूरोपियन टीम को नहीं हराया है। उनकी पिछली बड़ी जीत 1998 में फ्रांस में अमेरिका के खिलाफ 2-1 की थी।
स्पेन के खिलाफ रोनाल्डो ने 88वें मिनट में बराबरी का गोल दागा था। वर्ना डिएगो कोस्टा और नाचो के गोल की मदद से एक समय टीम वापसी करने के बाद 3-2 से आगे चल रही थी। स्पेनिश प्लेमेकर ने कहा कि हमें पुर्तगाल के खिलाफ अंक बांटने से झटका लगा है लेकिन इसके बावजूद टीम एकजुट है और मनोबल कमजोर नहीं हुआ है। पुर्तगाल के खिलाफ हमारे ऊपर शुरुआत में ही गोल हो गया था लेकिन हमने हार नहीं मानी थी। यह बताता है कि हम संघर्ष करना नहीं छोड़ते।