रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच यूएफ (UEFA) ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। यूएफा चैंपियंस लीग 2022 का फाइनल रूस में होना था, जिसे अब दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना तय है। इससे पहले फुटबॉल की दुनिया से भी इस विवाद पर रिएक्शंस आने शुरू हो गए हैं। कई फुटबॉल स्टार ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।
यूएफा ने निर्णय लिया है कि शुक्रवार को मीटिंग के बाद चैंपियंस लीग फाइनल को सेंट पीटर्सबर्ग से बाहर ले जाया जाएगा। यूक्रेन पर हमले के बाद से चैंपियंस लीग के आयोजक नाराज हैं। वेम्बली, वेस्ट हैम और टोटेनहम ये सभी फाइनल को वापस इंग्लैंड में लाने के लिए बेताब हैं।
ये तीनों फाइनल का आयोजन करने की रेस में सबसे आगे है। अब यह देखने वाली बात होगी कि यूएफा के प्रेसिडेंट एलेक्जेंडर सेफेरिन शुक्रवार को एग्जीक्यूटिव की मीटिंग में क्या फैसला लेते हैं।
इसी बीच यूक्रेन और बेनफिका क्लब के फॉरवर्ड खिलाड़ी रोमन यारेमचुक ने अयाक्स के खिलाफ चैंपियंस लीग में गोल करने के बाद यूक्रेन का एम्ब्लेम भी दिखाया। इस दौरान कई खिलाड़ी उनके पास आकर उनसे गले लग गए।
इसके अलावा रूस के राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में खेलने वाले फेडोर स्मोलोव ने भी यूक्रेन-रूस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वे रूस के खिलाफ बोलने वाले रूस के पहले फुटबॉलर हैं। उन्होंने यूक्रेन पर हमले की निंदा की है और इंस्टाग्राम पर इसका विरोध किया है। उन्होंने कैप्शन में लिखा- युद्ध को ना (नो टू वॉर)।
इसके अलावा बुंदेसलीगा क्लब एफसी शाल्के ने भी अपनी जर्सी से रूसी कंपनी का लोगो तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला लिया है। शाल्के की जर्सी पर रूसी कंपनी गैजप्रोम का लोगो था। वहीं, यूक्रेनियन फुटबॉल क्लब शख्तर दोनेत्स्क के मैनेजर रॉबर्टो डी जर्बी ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी।
उन्होंने लिखा- हम हीरो नहीं हैं, लेकिन हमें चिंता जरूर हो रही है। गुरुवार सुबह जब हम सोकर उठे तो हर जगह से बम धमाके की आवाज आ रही थी। मैं और मेरा परिवार सुरक्षित है, लेकिन यहां का माहौल बिलकुल ठीक नहीं है। हमें जानना है कि इससे आगे क्या करें? वेस्ट हैम यूनाइटेड और यूक्रेन के विंगर यारमोलेंको ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने देश के लिए दुआ मांगने की बात कही।
रूस ने गुरुवार को पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला बोल दिया है। यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों में बमबारी की खबर है। बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया जा रहा है। पुतिन ने अमेरिका व नाटो को भी खुली धमकी दी है कि वे कोई दखल न दें, वरना इतिहास का सबसे खराब अंजाम भुगतना पड़ेगा। यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।