पहली बार फाइनल में पहुंची पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) की टीम रविवार को चैंपियंस लीग के फाइनल में पांच बार के चैंपियन बायर्न म्यूनिख से भिड़ेगी। इससे पहले बायर्न की टीम सात साल पहले फाइनल में पहुंची थी और चैंपियन भी बनी थी।
ब्राजीली स्टार नेमार की टीम पीएसजी ने सेमीफाइनल में लिपजिग को 3-0 से हराया था, जबकि अन्य सेमीफाइनल में बायर्न ने लियोन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से शिकस्त देकर सात साल में पहली और कुल 11वीं बार चैंपियंस लीग के फाइनल में प्रवेश किया। लिस्बन में बायर्न ने अपने तीन मैच चेल्सी, बार्सिलोना और लियोन के खिलाफ खेले हैं, जिसमें 15 गोल किए हैं जबकि उसके खिलाफ तीन गोल हुए हैं।
शानदार फॉर्म में लेवांडोवस्की
बायर्न की टीम अब तक टूर्नामेंट में 42 गोल कर चुकी है जबकि पीसीजी के खिलाड़ियों ने 25 गोल किए हैं। बायर्न की उम्मीदें अपने स्टार फुटबॉलर रॉबर्ट लेवांडोवस्की पर रहेंगी जो बेहतरीन फॉर्म में हैं। अब तक लीग में सर्वाधिक 15 गोल कर चुके हैं। इसके अलावा सर्ज नाबरी भी हैं जिन्होंने सेमीफाइनल में दो गोल किए थे।
नौ यूरोपियन मैच जो 2019-20 सत्र में लेवांडोवस्की ने खेले हैं, सभी में गोल किए हैं। जबकि पीएसजी का दारोमदार दुनिया के सबसे महंगे खिलाड़ी नेमार, माउरो और काइलिन म्बापे पर होगा। इस मैच की विजेता 24 सितंबर को बुडापेस्ट में यूफा सुपर कप में खेलेगी।
नेमार के पास खुद को साबित करने का मौका
नेमार के पास फाइनल में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। इस मैच में उनके पास यह साबित करने का मौका होगा कि फुटबॉल के सबसे बड़े क्लब टूर्नामेंट को जीतने के लिए उन्हें लियोनल मेसी की मदद नहीं चाहिए। 28 वर्षीय नेमार 2015 में चैंपियंस लीग विजेता टीम का हिस्सा था लेकिन तब वह बार्सिलोना में थे और वह टीम मेसी की थी।
पिछले दो सत्र में नेमार चोट से परेशान रहे थे और उन पर यह साबित करने का दबाव है होगा कि पेरिस सेंट जर्मेन ने उन्हें बार्सिलोना से तीन साल पहले रिकॉर्ड कीमत पर टीम से जोड़कर कोई गलती नहीं की। पिछले दो साल वह चोट से परेशान रहे थे। नेमार ने कहा, ‘हमने इतिहास रच दिया लेकिन हम यहीं नहीं रुकने वाले हैं। हम खिताब जीतने की कोशिश करेंगे।’