मैनचेस्टर सिटी के खिलाड़ी एर्लिंग हालंद और मैनेजर पेप गॉर्डियोला
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मैनचेस्टर सिटी पर प्रीमियर लीग द्वारा वित्तीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। क्लब पर 2009 से लेकर 2018 के बीच नौ साल की अवधि में लगभग 100 बार वित्तीय फेयर प्ले नियमों को तोड़ने का आरोप लगा है। इस अवधि के दौरान मैनचेस्टर सिटी तीन बार प्रीमियर लीग जीतने में सफल रही थी। प्रीमियर लीग के अनुसार, सिटी ने सटीक वित्तीय जानकारी नहीं दी है। इस मामले की जांच एक स्वंत्रत समिति द्वारा की जाएगी।
मैनचेस्टर सिटी ने कथित तौर पर चार साल की अवधि में अपने एक प्रबंधक को किए गए वित्तीय भुगतान का पूरी तरह से खुलासा नहीं किया। कहा जा रहा है कि यह एक गुप्त अनुबंध था, इसलिए प्रबंधकों में से एक को आधिकारिक रूप से बताए गए भुगतान से कहीं अधिक भुगतान किया जा रहा था। प्रीमियर लीग ने यह भी आरोप लगाया कि मैनचेस्टर सिटी ने पांच साल की अवधि में यूईएफए (UEFA) के वित्तीय फेयर प्ले नियमों का पालन नहीं किया। उनका यह भी आरोप है कि क्लब ने प्रीमियर लीग की जांच में पूरी तरह से सहयोग नहीं किया है।
पहले लग चुका है जुर्माना
इससे पहले जब यूईएफए द्वारा जब भी मैनचेस्टर सिटी की जांच की गई थी तब क्लब ने जोर देकर कहा था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। फरवरी 2020 में क्लब को यूईएफए द्वारा दो सत्रों के लिए यूरोपीय प्रतियोगिता से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके अलावा 30 मिलियन यूरो का जुर्माना भी लगाया गया था। हालांकि, बाद में प्रतिबंध को हटा दिया गया था और जुर्माने को घटाकर 10 मिलियन यूरो कर दिया गया था।
सिटी के प्रतिद्वंद्वी क्लब का क्या मानना है?
कई प्रीमियर लीग क्लब चाहते हैं कि नौ सीजन में नियमों को तोड़ने का दोषी पाए जाने पर सिटी को रेलीगेट (प्रीमियर लीग से बाहर) किया जाए। शीर्ष क्लबों के बीच एक भावना है कि सिटी के खिताब को वापस लेना अर्थहीन होगा। इससे भ्रम पैदा होगा। वहीं, जुर्माने का भी बहुत अधिक प्रभाव होने की संभावना नहीं है। मैनचेस्टर यूनाइटेड, लिवरपूल, आर्सेनल, चेल्सी और टोटेनहम हॉटस्पर ने सिटी को रेलीगेट करने की मांग की है।
क्या सजा मिल सकती है?
प्रीमियर लीग के नियमों के अनुसार, सजा के तौर पर मैनचेस्टर सिटी के अंक काटे जा सकते हैं। इसके अलावा उन्हें प्रीमियर लीग से बाहर भी किया जा सकता है। मैनचेस्टर सिटी की टीम फिलहाल प्रीमियर लीग में आर्सेनल के बाद दूसरे स्थान पर स्थान पर है। अगर उसे 15 अंक काटे जाते हैं तो वह शीर्ष छह से बाहर हो जाएगा।
जांच करने वाली स्वतंत्र समिति क्या सजा दे सकती है?
- क्लब को लीग मैच खेलने से निलंबित करें।
- अंकों की कटौती।
- बोर्ड को लीग मैचों को फिर से चलाने की सिफारिश करे।
- बोर्ड को अनुशंसा करें कि लीग से क्लब को निष्कासित करे।
- मुआवजा देने का आदेश दे।
- खिलाड़ियों का पंजीकरण रद्द या अस्वीकार करना।
- सशर्त सजा।
- क्लब को लागत का भुगतान करने का आदेश।
- ऐसे अन्य आदेश जो वह उचित समझे।