भारतीय मूल के फुटबॉल क्लब ब्लैकबर्न रोवर्स के स्ट्राइकर डीजे कैपबेल को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। क्लब ने सोमवार को कैपवेल की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
32 वर्षीय कैपवेल समेत छह लोगों को नेशनल क्राइम एजेंसी (एनसीए) ने जांच के बाद गिरफ्तार किया है।
ब्रिटिश अखबार ‘सन ऑन संडे’ ने एक अंडरकवर रिपोर्टर के जरिए फिक्सिंग का खुलासा किया था जिसके बाद अखबार ने सभी सूचनाएं एनसीए को दे दी थी। अखबार की सूचनाओं के आधार पर ही एनसीए ने कैपवेल को गिरफ्तार किया।
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ब्लैकबर्न क्लब ने एक बयान जारी करते हुए कहा, ‘ब्लैकबर्न रोवर्स पुष्टि करता है कि डीजे कैपवेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। क्लब अब इस बारे में आगे कोई टिप्पणी नहीं करने जा रहा है क्योंकि अब यह कानूनी मसला हो गया है।’ यह क्लब पुणे स्थित वेंकटेश्वरा हेटचेराइस ग्रुप का है।
अखबार ‘सन ऑन संडे’ का अंडरकवर रिपोर्टर पोर्ट्समाउथ के पूर्व खिलाड़ी सैम सोद्गे से मिला था। सैम ने इस रिपोर्टर से कहा था कि वह चैंपियनशिप (सेकंड टाइर) में उसे ऐसे खिलाड़ी उपलब्ध करा सकता है जो दस हजार पाउंड में खुद को येलो कार्ड्स दिला सकते हैं।
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इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने यह भी दावा किया था कि वह प्रीमियर लीग मैचों और यहां तक की अगले साल ब्राजील में होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप में मैच फिक्सिंग के लिए भी तैयार था। सैम ने यह भी कहा कि ओल्डहम के खिलाड़ी क्रिस्टियन मोंटानो 22 अक्तूबर को वोल्वस के खिलाफ हुए मैच में येलो कार्ड हासिल करने में विफल रहे थे।
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सोमवार को प्रकाशित हुए ‘द सन’ अखबार ने रिपोर्ट में कहा, "कैपबेल को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।"