हालंद रहे हैं नॉर्वे के हीरो
दोनों मुकाबलों में एर्लिंग हालंद नॉर्वे के हीरो रहे जिन्होंने राउंड ऑफ 32 में देर से निर्णायक गोल किया और फिर राउंड ऑफ 16 में पांच बार की चैंपियन ब्राजील के खिलाफ दो गोल करके टूर्नामेंट में और आगे पहुंचाया। वहीं, फीफा विश्व कप 1966 की चैंपियन इंग्लैंड ने क्रोएशिया, घाना और पनामा से आगे रहते हुए ग्रुप-एल में टॉप किया, लेकिन क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इंग्लैंड ने 'राउंड ऑफ 32' में डीआर कांगो के खिलाफ एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी की और हैरी केन के दो देर से किए गए गोल की बदौलत 2-1 से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सह मेजबान मैक्सिको के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज की, जिसमें जूड बेलिंगहम ने दो गोल किए, जबकि उन्होंने दूसरे हाफ का ज्यादातर समय 10 खिलाड़ियों के साथ खेला था।
नॉर्वे-इंग्लैंड का हेड टू हेड रिकॉर्ड
इससे पहले नॉर्वे और इंग्लैंड का विश्व कप में पहले कभी आमना-सामना नहीं हुआ है, लेकिन वे पहले 12 बार एक-दूसरे का सामना कर चुके हैं जिसमें 1982 और 1994 टूर्नामेंट के क्वालिफाइंग मैच भी शामिल हैं। दोनों देशों के बीच हालिया मुकाबला 2014 में एक इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच में हुआ था, जिसे इंग्लैंड ने वेम्बली में वेन रूनी की पेनाल्टी की बदौलत 1-0 से जीता था।
दोनों टीमें:
इंग्लैंड: जॉर्डन पिकफोर्ड, डीन हेंडरसन, जेम्स ट्रैफर्ड, एजरी कोन्सा, निको ओ'रेली, जॉन स्टोन्स, मार्क गुएही, टीनो लिवरामेंटो, डैन बर्न, रीस जेम्स, जेड स्पेंस, जेरेल क्वांसाह, डेक्लान राइस, इलियट एंडरसन, जूड बेलिंगहैम, जॉर्डन हेंडरसन, कोबी मैनू, मॉर्गन रोजर्स, एबेरेची एजे, बुकायो साका, हैरी केन, मार्कस रैशफोर्ड, एंथोनी गॉर्डन, ओली वॉटकिंस, नोनी मडुके, इवान टोनी।
नॉर्वे: ऑर्जन हास्कजॉल्ड नाइलैंड, एगिल सेल्विक, सैंडर टैंगविक, क्रिस्टोफर वास्बक्क अजेर, फ्रेड्रिक ब्योर्कन, हेनरिक फालचेनर, सोंड्रे लैंगस, टोरबॉर्न हेग्गेम, मार्कस होल्मग्रेन पेडर्सन, जूलियन रायर्सन, डेविड मोलर वोल्फ, लियो ओस्टिगार्ड, थेलोनियस असगार्ड, फ्रेड्रिक ऑर्स्नेस, पैट्रिक बर्ग, सैंडर बर्ज, ऑस्कर बॉब, जेन्स पेटर हाउज, एंटोनियो नुसा, एंड्रियास शेजेल्डरुप, मोर्टन थोरस्बी, क्रिस्टियन थोरस्टवेट, मार्टिन ओडेगार्ड, एर्लिंग हालंद, जोर्गेन स्ट्रैंड लार्सन, अलेक्जेंडर सोरलोथ।