फुटबॉल के इतिहास में शायद यह पहली बार है, जब इतनी छोटी समयावधि में किसी खिलाड़ी को इतना बड़ा और महान बताया जा रहा है।
पिछले दिनों 'टाइम' मैगजीन ने ब्राजील के युवा फुटबालर नेमार पर कवर स्टोरी की और उसे अगला पेले कहा।
गोल करने की भूख और हेडर में उस्तादी के कारण नेमार की तुलना अगर अपने हमवतन पेले से हो रही है, तो ड्रिब्लिंग में उनका कमाल देख इस कला के शिखर पुरुष गरिंचा से उनकी तुलना की जा रही है, जिन्होंने अपने बाएं पैर की विकलांगता को ठीक उसी तरह ड्रिब्लिंग की ताकत में बदल दिया था, जिस तरह अपने यहां भागवत चंद्रशेखर ने पोलियोग्रस्त दाएं हाथ को मारक गुगली के तरकश में तब्दील किया था।
लेकिन पेले से किसी फुटबॉलर की क्या सचमुच तुलना हो सकती है!
नेमार को अभी खेलना है पहला विश्व कप
फुटबॉल की दुनिया में ब्राजील को अद्भुत पहचान दिलाने वाले इस जादूगर ने सत्तरह साल की उम्र में विश्व कप खेला था। तीन बार विश्व कप जीतने वाली ब्राजीली टीम के वह सदस्य रहे हैं। जबकि नेमार को अभी अपना पहला विश्व कप खेलना है।
'टाइम' मैगजीन ने ही पिछले साल मैसी पर कवर स्टोरी करते हुए उसे मौजूदा फुटबॉल विश्व का सबसे बड़ा खिलाड़ी कहा था। जबकि खुद पेले हमवतन नेमार को मैसी से बड़ा फुटबॉलर बताकर सनसनी फैला चुके हैं। रोमारियो भी नेमार की तारीफ कर चुके हैं।
क्या वह सचमुच इतने बड़े खिलाड़ी हैं? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतने कम एक्सपोजर के बावजूद किसी के बारे में इतनी हवा बांधना क्या ठीक है? जिन्होंने पिछले दिनों हुए कंफेडरशन कप में ब्राजील का प्रदर्शन देखा है, वे नेमार को शायद ही भूल पाएंगे।
फाइनल में ब्राजील ने विश्व चैंपियन स्पेन को तीन शून्य से हराया, जिसमें नेमार ने एक शानदार गोल तो किया ही, फ्रेड का एक गोल भी उनके खूबसूरत पास पर हुआ।
ब्राजील का उभरता नया सितारा
दरअसल नेमार ने हताश ब्राजील को एक नई उम्मीद से भर दिया है, जो फीफा रैंकिंग में 22वें स्थान पर पहुंच चुका था। लेकिन यह सवाल तो है ही कि जो ब्राजील एक से एक फुटबॉलर पैदा करता रहा है, उसमें नेमार की जगह कहां है।
पिछले एक दशक में ब्राजील के जिन दो फुटबॉलरों ने दुनिया में अपना लोहा मनवाया, उनमें से रोनाल्डो स्ट्राइकर थे, तो रोनाल्डिन्हो मिडफील्डर। जबकि नेमार जितने आक्रामक स्ट्राइकर हैं, उतने ही अच्छे मिडफील्डर और गेममेकर भी।
उनकी शूटिंग इतनी जोरदार है कि अगर पेनाल्टी बॉक्स या उसके आसपास बाल मिले, तो शॉट की ताकत से नेट के फट जाने का पूरा अंदेशा रहता है। पेनल्टी बॉक्स के आसपास रोमारियो भी बहुत आक्रामक होते थे, लेकिन उनके शॉट भी इतने दमदार नहीं होते थे।
दोनों पैरों से खेलते हैं नेमार
तीन-चार डिफेंडरों के बीच से बाल निकालकर पास देने में उनका सानी नहीं। गति में वह रोनाल्डिन्हो से बीस ही हैं। इस मामले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो से उनकी तुलना होती है, लेकिन गेंद मिलने के बाद नेमार अचानक जिस तरह अपनी रफ्तार बढ़ा लेते हैं, वैसा क्रिस्टियानो रोनाल्डो नहीं कर पाते। फिर नेमार के दोनों पैरों में जादू है, जबकि रोनाल्डो का दायां पैर चलता है।
अलबत्ता मैसी से तुलना किए बगैर और उनसे आगे निकले बिना नेमार को फुटबाल का नया देवता भला कौन मानेगा!
गेंद पर जिस तरह का नियंत्रण मैसी का है, वैसा पिछले दो-तीन दशकों में भी शायद किसी ने न देखा हो। मैसी के बाएं पैर में गेंद गोंद की तरह चिपकी रहती है।
मैसी के बड़े प्रशंसक हैं नेमार
पेले से बड़ा फुटबॉलर मैसी को भले न मानें, लेकिन कई विशेषज्ञ उन्हें मैराडोना से बड़ा खिलाड़ी तो मान ही चुके हैं। अपनी तारीफ और तुलना से बेखबर नेमार खुद मैसी के बहुत बड़े मुरीद हैं।
बार्सिलोना की ओर से खेल शुरू कर चुके नेमार को अब मैसी के साथ खेलने का मौका भी मिल रहा है। लेकिन मैसी की सबसे बड़ी विफलता यह है कि वह अर्जेंटीना को विश्व कप नहीं दिला पाए हैं। और हो सकता है कि अगला विश्व कप उनका आखिरी विश्व कप भी हो।
तो क्या अगला विश्व कप मैसी और नेमार के बीच होगा? बहुत संभव है कि फुटबॉल के नए देवता का फैसला ब्राजील में हो जाए।