फुटबॉल क्लब मोहम्मडन स्पोर्टिंग आखिरकार वह ख्वाब पूरा हो गया जिसे सात दशक से ज्यादा समय तक संजोए रखा था।
कोलकाता की इस प्रतिष्ठित टीम ने पूरे 73 साल बाद डूरंड कप खिताब पर कब्जा जमाया। मोहम्मडन ने अंतिम बार दुनिया के इस दूसरे सबसे पुराने टूर्नामेंट को 1940 में जीता था।
अंबेडकर स्टेडियम में बृहस्पतिवार को दूधिया रोशनी में खेले गए फाइनल में उसने ओएनजीसी पर 2-1 से जीत हासिल की।
हाथों में काले सफेद रंग के झंडे और खिलाड़ियों का दीवानेपन की हद तक समर्थन, मोहम्मडन के लिए यह नजारा एक लंबे अर्से बाद सामने आया।
यह जीत इस कदर भावुक करने वाली रही कि क्लब के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुल्तान अहमद रेफरी की लंबी सीटी बजते ही सीधे मैदान में कूद पड़े और नाईजीरियाई कोच अब्दुल अजीज बोला को गले लगा लिया।
लंबे समय बाद आई लीग की फर्स्ट डिवीजन के लिए क्वालीफाई करने वाली मोहम्मडन की इस जीत के नायक ऑस्ट्रेलियाई टोल्गे ओजबे रहे, जिन्होंने एक गोल दागा और एक गोल में अपना सहयोग दिया।
टोल्गे ने मैच के 36वें मिनट में बॉल पर जर्बदस्त नियंत्रण के साथ गोली को छकाकर एंथोनी सोरेन को पास दिया जिन्होंने इसे गोल में सरका दिया।
अभी पहला हॉफ खत्म होने में कुछ ही सेकेंड बाकी थे कि टोल्गे इस बार राइट फ्लैंक से बढे़। पूरी तरह से अन मार्क टोल्गे शक्तिशाली राइट फुटर जड़ा जो सीधे गोल में जा समाया। दूसरे हॉफ में ओएनजीसी ने दबदबा कायम रखा।
56वें मिनट में फ्री किक पर आसिम हसन ने जोरदार राइट फुटर जड़ा जिसे गोली सुखविंदर सिंह पकड़ नहीं सके। हाथ से छिटकी बॉल को लावीनो फर्नांडीज ने गोल में सरका दिया। ओएनजीसी को इसके बाद भी मौके मिले लेकिन ब्राजीली लुसियानो के रक्षण का उनके पास जवाब नहीं था।