राष्ट्रपति मुर्मू ने डूरंड कप टूर्नामेंट की ट्रॉफियों का किया अनावरण
- फोटो : X @rashtrapatibhvn
एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप की पुरस्कार राशि में भारी इजाफा किया गया है, लेकिन इस बात की संभावना अधिक है कि टूर्नामेंट में सिर्फ छह टीमें ही हिस्सा लेंगी। पिछले सत्र में आईएसएल की 12 टीमों ने हिस्सा लिया था। आईएसएल टीमों की उपस्थिति में कमी का मुख्य कारण फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के बीच मास्टर राइट्स समझौते के नवीनीकरण को लेकर चल रहा गतिरोध हो सकता है।
इस अनिश्चितता के कारण आईएसएल का 2025-26 सत्र स्थगित कर दिया गया है। इससे फ्रेंचाइजी के लिए अपनी टीम बनाने, कार्यक्रम और प्रतिबद्धताओं को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है जिसके परिणामस्वरूप 23 जुलाई से शुरू होने वाले डूरंड कप में भागीदारी की पुष्टि करने वाले आईएसएल क्लबों की संख्या कम हो गई है। इस स्थिति पर पूर्वी कमान मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ और डूरंड कप आयोजन समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने कहा, सब कुछ आपके सामने है। हमारे लिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि दोनों पक्ष भारतीय फुटबॉल के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमें उम्मीद है कि यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा। जहां तक डूरंड कप का सवाल है, हमें पिछले कुछ वर्षों में एफएसडीएल और एआईएफएफ से अपार समर्थन मिला है और हम उनके आभारी हैं।
ईनामी राशि तीन करोड़ रुपये हुई
लेफ्टिनेंट जनरल मल्होत्रा ने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष पुरस्कार राशि 1.2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये कर दी गई है तथा व्यक्तिगत विजेताओं को तीन एसयूवी कार प्रदान की जाएंगी। सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, गोल्डन बूट और गोल्डन बॉल विजेताओं जैसे व्यक्तिगत पुरस्कार विजेताओं को एसयूवी प्रदान की जाएंगी। चैंपियन टीम को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां राष्ट्रपति प्रेसिडेंट्स कप प्रदान करेंगी।
इस साल छह आईएसएल टीम मोहन बागान, ईस्ट बंगाल, मोहम्मडन स्पोर्टिंग, जमशेदपुर एफसी, पंजाब एफसी और गत विजेता नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी ने भागीदारी की पुष्टि की है। लेकिन टूर्नामेंट में दो विदेशी टीमें त्रिभुवन आर्मी एफसी (नेपाल) और आर्म्ड फोर्सेज (मलेशिया) शामिल होंगी।