दर्जनों खिताब, सैकड़ों गोल और अनगिनत रिकॉर्ड के बाद लियोनेल मेसी का बार्सिलोना फुटबॉल क्लब के साथ शानदार करियर का अचानक अंत हो सकता है। मगर इससे पहले इस पूरे मामले के कानूनी दांवपेंच में फंसने की भी संभावना है। मेसी ने मंगलवार को बार्सिलोना से कहा कि वह क्लब को छोड़ना चाहते हैं, जिससे वह लगभग दो दशक तक जुड़े रहे। वह इस सत्र में कोई ट्रॉफी नहीं जीत पाने और चैंपियंस लीग में बायर्न म्यूनिख के हाथों करारी हार से नाखुश थे।
बार्सिलोना ने एसोसिएटेड प्रेस से पुष्टि की कि मेसी ने क्लब को एक दस्तावेज भेजा है, जिसमें उन्होंने क्लब छोड़ने की इच्छा जताई है। क्लब ने हालांकि संकेत दिए हैं कि यह मामला अदालत तक पहुंच सकता है और कहा कि वह अर्जेंटीना के इस दिग्गज को अपनी मर्जी से क्लब छोड़ने की अनुमति नहीं देगा। बार्सिलोना ने मेसी से कहा है कि क्लब उन्हें अपने साथ जोड़े रखना चाहता है और उसकी इच्छा है कि वह क्लब में रहते हुए ही अपने करियर का अंत करें।
मुख्य मसला मेस्सी के अनुबंध से जुड़ा उपबंध है। बार्सिलोना ने कहा कि मेसी ने जो दस्तावेज भेजे हैं, उसमें एक उपबंध का जिक्र किया गया है जो उन्हें बिना किसी परेशानी के क्लब छोड़ने की अनुमति देता है। हालांकि क्लब ने कहा कि इस उपबंध की समयसीमा जून में समाप्त हो गई थी और इसके लिए कानूनी सलाह लेनी होगी। मेसी के अनुबंध में 700 मिलियन यूरो (826 मिलियन डॉलर) का उपबंध भी शामिल है।
स्पेनिश सत्र आमतौर पर मई में समाप्त हो जाता है, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इस बार वह आगे तक खिंच गया था। मेसी ने इस सत्र में बार्सिलोना के कुछ फैसलों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने क्लब के खेल निदेशक एरिक एबिडाल की आलोचना भी की थी जिन्होंने पिछले सप्ताह क्लब छोड़ दिया था। मेसी बायर्न के हाथों हार के बाद से ही चुप थे जिससे उनके भविष्य को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे।