चैंपिंयस लीग में मिली हार के बाद स्पेनिश फुटबॉल क्लब बार्सिलोना में भारी उथल-पुथल मची है। पहले क्विक सेटियन को बर्खास्त कर रोनाल्ड कोमैन नया कोच नियुक्त किया गया। अब क्लब के स्टार स्ट्राइकर लियोनल मेसी बार्सिलोना को बाय-बाय बोलने की तैयारी में हैं। मेसी ने इस सत्र में पिछले सत्रों की तुलना में कहीं अधिक अपना पक्ष रखा है। वह टीम की समस्याओं और क्लब के निदेशकों के खराब फैसलों के बारे में लगातार बोलते रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए मैनेजमेंट को दस्तावेज भेज दिए हैं।
साल 2000 के आसपास की बात है, तब मेसी की उम्र 13 वर्ष थी। बार्सिलोना फुटबॉल क्लब प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए 'टैलेंट हंट प्रोग्राम' चला रहा था। तभी मेसी के पिता को कहीं से इस बात की खबर लगी और उन्होंने बार्सिलोना एफसी से संपर्क किया। फुटबॉल क्लब बार्सिलोना के स्पोर्टिंग निदेशक कार्लेस रेक्सैक ने मेसी की प्रतिभा के चर्चे सुन रखे थे।
उन्होंने लियोनेल मेसी के साथ इस शर्त पर कॉन्ट्रैक्ट साइन किया कि वह अपने परिवार के साथ स्पेन में ही आकर रहेंगे। सबसे खास बत यह रही कि मेसी के साथ करार साइन करते वक्त जब कार्लेस रेक्सैक को आस-पास कोई कागज नहीं मिला, तो उन्होंने मेसी से नैपकिन पर ही कॉन्ट्रैक्ट साइन करवा लिया। इस लिहाज से देखें तो बार्सिलोना के साथ मेसी का 20 साल का सफर अब खत्म होने की राह पर निकल पड़ा है।
बार्सिलोना के लिए हालिया सत्र बेहद खराब रहा है। साल 2007-08 के बाद पहली बार बार्सिलोना कोई खिताब अपने नाम नहीं कर सका। इस प्रदर्शन ने क्लब को अबतक की सबसे बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। मेसी ने क्लब के साथ खेलते हुए छह बैलन डि ओर खिताब अपने नाम किए।