फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन से 0-2 की हार के बाद फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने स्वीकार किया कि उनकी टीम अपनी रणनीति और तकनीकी प्रदर्शन में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को इस हार से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा और हार के बावजूद सिर ऊंचा रखना चाहिए। फ्रांस अब तीसरे स्थान के लिए प्लेऑफ मुकाबला खेलेगा।
फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन के हाथों 0-2 से हार झेलने के बाद फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने माना कि उनकी टीम बड़े मुकाबले के दबाव में अपनी योजना को सही तरीके से लागू नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि तकनीकी और रणनीतिक दोनों स्तर पर फ्रांस का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिसका पूरा फायदा स्पेन ने उठाया।
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डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। मिकेल ओयारजाबाल ने 22वें मिनट में पेनल्टी पर गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, जबकि दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने दूसरा गोल कर फ्रांस की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म कर दीं।
'हार में भी सिर ऊंचा रखना चाहिए'
हार के बाद एमबाप्पे ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हार किसी भी टीम के सफर का हिस्सा होती है और उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जब आप जीतते हैं तो सिर ऊंचा रखते हैं, लेकिन जब हारते हैं तब भी सिर ऊंचा रखना पड़ता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमने उस तरह का खेल नहीं खेला जैसा हम चाहते थे। चाहे बात रणनीति की हो, तकनीक की हो या पूरी टीम के प्रदर्शन की, हम अपने स्तर तक नहीं पहुंच पाए। विश्व कप सेमीफाइनल जैसे मुकाबले में अगर आप अपनी योजना को सही तरीके से लागू नहीं करते हैं तो जीतना मुश्किल हो जाता है।'
स्पेन ने मैच पर रखा पूरा नियंत्रण
एमबाप्पे ने स्पेन की तारीफ करते हुए स्वीकार किया कि विरोधी टीम ने पूरे मैच के दौरान अपनी रणनीति पर अमल किया, जबकि फ्रांस ऐसा नहीं कर पाया। उन्होंने कहा, 'स्पेन ने खेल को नियंत्रित करने में हमसे बेहतर प्रदर्शन किया। हमने उन्हें मैच की गति तय करने का मौका दिया। जब स्पेन जैसी टीम गेंद पर नियंत्रण हासिल कर लेती है तो उनके खिलाफ वापसी करना बहुत मुश्किल हो जाता है।' फ्रांस के कप्तान ने यह भी माना कि उनकी टीम को शुरुआत से अधिक आक्रामक रवैया अपनाना चाहिए था।
उन्होंने कहा, 'हमें आमने-सामने की लड़ाई के लिए तैयार रहना था। स्पेन ऐसी टीम है जिसे ज्यादा दौड़ना पसंद नहीं है। जब हमने गेंद वापस हासिल की तो हमारे शुरुआती पास और टच उस स्तर के नहीं थे जो विश्व कप सेमीफाइनल में होने चाहिए थे।'
टूटा फ्रांस का शानदार रिकॉर्ड
इस हार के साथ विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में फ्रांस का लंबा अजेय अभियान भी समाप्त हो गया। 2014 विश्व कप में जर्मनी से क्वार्टर फाइनल हारने के बाद यह पहला मौका है जब फ्रांस नॉकआउट मुकाबले में पराजित हुआ है। इससे पहले टीम लगातार 11 नॉकआउट मैचों में अजेय रही थी, जिसमें 10 जीत और एक ड्रॉ शामिल था। इसके अलावा विश्व कप सेमीफाइनल में यह फ्रांस की चौथी हार रही। वहीं, स्पेन ने लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस को हराया। इससे पहले यूरो 2024 और नेशंस लीग 2025 में भी स्पेन ने फ्रांस को मात दी थी।
अब तीसरे स्थान के लिए उतरेगा फ्रांस
एमबाप्पे ने कहा कि टीम का सपना फाइनल में पहुंचकर देशवासियों को खुशी देने का था, लेकिन अब खिलाड़ियों को इस हार से उबरना होगा। उन्होंने कहा, 'यह बहुत निराशाजनक है। फाइनल में पहुंचना और अपने देश को सपने देखने का मौका देना हमारा लक्ष्य था। अभी हमारे पास शब्द नहीं हैं, लेकिन हमें खुद को संभालना होगा। छुट्टी के बाद हमें फिर से आगे बढ़ना होगा, क्योंकि क्लब और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी कई चुनौतियां बाकी हैं।' अब फ्रांस की टीम तीसरे स्थान के लिए प्लेऑफ मुकाबले में उतरेगी, जहां उसका सामना इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच दूसरे सेमीफाइनल में हारने वाली टीम से होगा।