रियल मैड्रिड के स्टार फुटबॉलर किलियन एमबापे ने दिवंगत चीनी नेता माओ जेडोंग के बारे में अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। इस बयान के बाद चीन में उनके खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके चलते कई चीनी ब्रांडों ने उनके साथ अपने अनुबंध समाप्त कर दिए हैं।
क्या है विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एमबापे ने फ्रांसीसी टॉक शो 'द ब्रिज' में एक मीम के बारे में बात करते हुए कहा था कि जो मीम मुझे सबसे ज्यादा हंसाता है, वह एक ऐसे व्यक्ति का वीडियो है, मुझे लगता है कि वह एक चीनी तानाशाह है। इसके बाद शो में एक ऐसा मीम दिखाया गया जिसमें उनका चेहरा माओ की छवि से मिलता-जुलता दिखाया गया था और वह इस पर हंसते नजर आए। यह मजाक इस बात से जुड़ा था कि फुटबॉल की दुनिया में उनके अत्यधिक प्रभाव के कारण उन्हें अक्सर तानाशाह कहा जाता है।
एमबापे ने क्या कहा
अपने बयान पर चौतरफा आलोचना होने के बाद एमबापे ने माफी मांगते हुए कहा, 'मेरी टिप्पणी नासमझी भरी थी और अब मैं समझता हूं कि इससे चीन और दुनिया भर के चीनी समुदायों में कई लोगों को ठेस पहुंची है। जिन लोगों को भी मेरे शब्दों से ठेस पहुंची है, मैं उन सभी से माफी मांगता हूं।' इस मामले में स्पेनिश ला लीगा ने भी माफी मांगते हुए कहा कि वह एमबापे की हालिया टिप्पणियों से चीनी प्रशंसकों को हुई ठेस पर गहरा खेद व्यक्त करते है।
चीन में माओ को कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा अत्यधिक सम्मान दिया जाता है। चीन के खेल प्रेमियों और जनता की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। चीनी प्रशंसकों ने एमबापे की आलोचना करते हुए कहा कि वह चीनी बाजार से मुनाफा कमा रहे हैं लेकिन ऐसे बयान दे रहे हैं जो चीनी जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। हालांकि, चीनी सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनका समर्थन भी किया, लेकिन कड़े नियंत्रण वाले चीनी इंटरनेट पर ऐसी प्रतिक्रियाएं बहुत दुर्लभ हैं जहां लोगों से संवेदनशील विषयों पर पार्टी और सरकार के नियमों का सख्ती से पालन करने की अपेक्षा की जाती है।