एटीके एफसी ने मोहन बागान को अपनी अधिकतर हिस्सेदारी बेचकर इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में दो बार के विजेता क्लब में अपना विलय कर दिया। अगले सत्र में इसे एटीके मोहन बागान के नाम से जाना जाएगा। यह विलय जून से प्रभावी होगा और वे एक टीम के रूप में आईएसएल 2020-21 में भाग लेंगे। दोनों टीमें हालांकि वर्तमान आईलीग और आईएसएल सत्र में अलग-अलग खेलेंगी।
करार के अनुसार एटीके के मालिक आरपी संजीव गोयनका ग्रुप (आरपीएसजी) मोहन बागान फुटबॉल क्लब (इंडिया) प्रा लि से 80 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा।
आरपीएसजी ग्रुप के चेयरमैन संजीव ने विलय की घोषणा करते हुए कहा, ‘बागान का आरपीएसजी परिवार में खुले दिल से स्वागत है। निजी तौर पर यह मेरे लिए भावनात्मक पुनर्मिलन है क्योंकि मेरे पिता स्वर्गीय आरपी गोयनका मोहन बागान के सदस्य थे। नए फुटबॉल क्लब के पास एटीके और बागान ब्रांड नाम होंगे। इस कदम से दो फुटबॉल क्लब नई पहचान के साथ तेजी से बढ़ते भारतीय फुटबॉल परिदृश्य में प्रतिस्पर्धा करेंगे।’ नए क्लब का नाम एटीके मोहन बागान होगा।