फीफा विश्व कप 2026 में खराब प्रदर्शन का असर अब टीमों के कोचिंग स्टाफ पर भी दिखाई देने लगा है। राउंड ऑफ-32 में मोरक्को से हारकर बाहर होने के बाद नीदरलैंड्स के मुख्य कोच रोनाल्ड कोमैन ने इस्तीफा दे दिया, जबकि ग्रुप चरण से बाहर हुई उरुग्वे टीम के मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा ने भी पद छोड़ने का एलान कर दिया। दोनों दिग्गज कोचों ने अपनी-अपनी टीमों की विफलता की जिम्मेदारी खुद स्वीकार की।
कोमैन बोले- इतिहास रचने का सपना अधूरा रह गया
- रोनाल्ड कोमैन पहली बार 2018 से 2020 तक नीदरलैंड्स के कोच रहे। कतर विश्व कप 2022 के बाद उन्होंने 2023 में दोबारा टीम की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में टीम ने यूरो 2021, यूरो 2024 और विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफाई किया। यूरो 2024 में टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी, जबकि पहले कार्यकाल में उन्होंने 2019 यूईएफए नेशंस लीग के फाइनल में भी जगह बनाई थी। उन्होंने कुल 64 आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम की कोचिंग की।
- इस्तीफे की घोषणा करते हुए कोमैन ने कहा, 'मैंने डच राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त करने का फैसला किया है। हम सभी ने विश्व कप में इतिहास रचने का सपना देखा था, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके। इससे ज्यादा निराश कोई नहीं है जितना मैं हूं। राष्ट्रीय टीम के कोच के रूप में यह जिम्मेदारी हमेशा मेरी थी और आगे भी रहेगी। पिछले कुछ वर्षों ने मुझे यह भी एहसास कराया है कि फुटबॉल से बढ़कर भी बहुत कुछ है। फुटबॉल मेरी जिंदगी रही है, लेकिन स्वास्थ्य सबसे अनमोल है।'
- उन्होंने आगे कहा, 'कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के साथ इतने लंबे समय तक काम करने के बाद यह फैसला आसान नहीं था। विश्व कप का सफर इतनी जल्दी खत्म होना बेहद निराशाजनक है, लेकिन जब मैं पीछे मुड़कर देखूंगा तो मुझे हमारी शानदार साझेदारी और खूबसूरत पल ही याद आएंगे। अब मुझे लगता है कि पत्नी, बच्चों और अपने पोते-पोतियों के साथ ज्यादा समय बिताने का यही सही और सबसे स्वाभाविक समय है।'
- नीदरलैंड्स फुटबॉल संघ (KNVB) के तकनीकी निदेशक नाइजेल डी जोंग ने कहा, 'रोनाल्ड ने पिछले कुछ वर्षों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया और डच राष्ट्रीय टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। KNVB की ओर से मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।'
बिएल्सा ने भी स्वीकार की अपनी जिम्मेदारी
- दूसरी ओर, दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे ग्रुप-एच में स्पेन से हार और केप वर्डे तथा सऊदी अरब के खिलाफ ड्रॉ के बाद तीसरे स्थान पर रही और नॉकआउट में जगह नहीं बना सकी। इसके बाद मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा ने पद छोड़ने की घोषणा कर दी।
- बिएल्सा ने कहा, 'मेरे लिए यह विदाई बेहद दर्दनाक है, क्योंकि जब मैंने यह परियोजना शुरू की थी तब मेरी उम्मीदें बहुत बड़ी थीं। जिस तरह इसका अंत हुआ, उससे मुझे सबसे ज्यादा दुख है। जो कुछ हुआ उसकी जिम्मेदारी मेरी है। इतने अच्छे खिलाड़ियों के बावजूद मैं उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग नहीं कर पाया और टीम को बेहतर परिणाम नहीं दिला सका।'
- उन्होंने खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा, 'खिलाड़ियों ने शानदार समर्पण दिखाया। उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जिसने मुझे टीम का नेतृत्व करने या अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करने से रोका हो। लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं, यह मेरे नियंत्रण में नहीं है।'
- अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुसलेरा की तारीफ करते हुए बिएल्सा ने कहा, 'मुसलेरा का फैसला उनके शानदार चरित्र को दिखाता है। मैंने अपने करियर में पहली बार किसी खिलाड़ी को अपनी गलती के भावनात्मक असर की वजह से खुद को बदलने के लिए कहते देखा। आज के फुटबॉल में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।'
विश्व कप के बाद नई शुरुआत की तैयारी
विश्व कप 2026 में उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाने के बाद अब नीदरलैंड्स और उरुग्वे दोनों नई शुरुआत की ओर बढ़ेंगे। दोनों फुटबॉल संघों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती ऐसे नए मुख्य कोच की नियुक्ति होगी, जो आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए टीमों को फिर से मजबूत बना सके।