चार बार विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचा इंग्लैंड
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने विश्व कप इतिहास में चौथी बार अंतिम चार में जगह बनाई। इससे पहले टीम 1966, 1990 और 2018 में सेमीफाइनल तक पहुंची थी।
- 1966: पुर्तगाल को 2-1 से हराकर फाइनल में पहुंचा और पहली बार विश्व कप जीता।
- 1990: पश्चिम जर्मनी से पेनल्टी शूटआउट में हारकर चौथे स्थान पर रहा।
- 2018: क्रोएशिया से अतिरिक्त समय में 2-1 से हारकर चौथे स्थान पर रहा।
- 2026: नॉर्वे को अतिरिक्त समय में 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश।
अब इंग्लैंड का सामना सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से होगा।
किस सूची में बेलिंगहम ने बनाई जगह?
बेलिंगहम ने फीफा विश्वकप में अपना सातवां गोल दागा और 24 साल से कम उम्र में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए।
| खिलाड़ी |
गोल |
| किलियन एमबाप्पे |
12 |
| पेले |
7 |
| जूड बेलिंगहम |
7 |
| जेम्स रोड्रिगेज |
6 |
| मारियो केम्पेस |
6 |
इस सूची में केवल फ्रांस के किलियन एमबाप्पे ही उनसे आगे हैं।
हैरी केन और बेलिंगहम ने बनाया अनोखा विश्व रिकॉर्ड
इंग्लैंड की यह टीम विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम करने में सफल रही। पहली बार किसी एक विश्व कप संस्करण में किसी देश के दो खिलाड़ियों ने छह या उससे ज्यादा गोल किए हैं।
- हैरी केन: 6 गोल
- जूड बेलिंगहम: 7 गोल
इससे पहले विश्व कप के किसी भी संस्करण में किसी देश के दो खिलाड़ी एक साथ छह या उससे अधिक गोल नहीं कर सके थे।
नॉर्वे का सपना टूटा, हालैंड की मेहनत नहीं आई काम
नॉर्वे ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। एर्लिंग हालंद ने भी गोल्डन बूट की दौड़ में सात गोल किए, लेकिन क्वार्टर फाइनल में वह इंग्लैंड की मजबूत रक्षा पंक्ति को भेद नहीं सके। हालांकि, नॉर्वे ने पूरे टूर्नामेंट में अंडरडॉग टीम के रूप में अपनी छाप छोड़ी।
फैंस को धन्यवाद कहती नॉर्वे की टीम
- फोटो : FIFA.COM
जीत के बावजूद खुश नहीं इंग्लैंड के कोच टुचेल
इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुचेल ने जीत के बाद भी टीम के प्रदर्शन पर संतोष नहीं जताया। उन्होंने कहा, 'आज हमने अपने लिए मुकाबला बहुत मुश्किल बना लिया। नतीजा शानदार है, क्योंकि हम अंतिम चार में पहुंच गए हैं, लेकिन मैं हमारे प्रदर्शन से खुश नहीं हूं। आज किस्मत ने हमारा साथ दिया। हमें इससे बेहतर खेलना होगा और हम बेहतर खेलेंगे भी।'
आंकड़ों में इंग्लैंड का दबदबा
हालांकि मुकाबला अतिरिक्त समय तक गया, लेकिन आंकड़ों में इंग्लैंड का पलड़ा भारी रहा।
- गोल अटैम्प्ट्स: इंग्लैंड 14, नॉर्वे 13
- ऑन टारगेट शॉट: इंग्लैंड 7, नॉर्वे 4
- सफल पास: इंग्लैंड 653, नॉर्वे 562
- पासिंग सटीकता: इंग्लैंड 88%, नॉर्वे 86%
इंग्लैंड ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखा और निर्णायक मौकों का फायदा उठाकर जीत हासिल की।