ईरान के फुटबॉल फेडरेशन ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर अपनी बात रखी। फेडरेशन ने कहा "हमारा यह स्पष्ट मानना है कि इस प्रकार की पाबंदियां वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को एक समान और बराबरी का माहौल देने के बुनियादी नियम के पूरी तरह खिलाफ हैं। ऐसी पाबंदियों से टीमों की तैयारी की प्रक्रिया पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। फेडरेशन इस मामले पर आधिकारिक तौर पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर करेगा और तय नियमों के तहत फीफा के समक्ष अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराएगा।" हालांकि, फेडरेशन ने यह भी साफ कर दिया है कि इन तमाम प्रशासनिक दिक्कतों और बाधाओं के बावजूद ईरान की नेशनल टीम अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं आने देगी और बेल्जियम के खिलाफ होने वाले आगामी मैच पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखेगी।
'हम पूरे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा दबाव में हैं'
इससे पहले, लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए अपने शुरुआती मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ रहने के बाद ईरान के कोच आमिर घालेनोई ने टीम की मानसिक स्थिति को बयां किया था। उन्होंने कहा था कि उनकी टीम इस समय टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मानसिक दबाव से गुजर रही है। मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच घालेनोई ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा था कि हमारी टीम को अचानक यह फरमान सुना दिया गया कि लॉस एंजिल्स में मैच खत्म होते ही उन्हें तुरंत मेक्सिको वापस लौटना होगा। हमें फौरन प्लेन में बैठकर तिजुआना स्थित अपने कैंप में वापस जाने के लिए मजबूर किया गया है, जिससे हम सभी सच में बेहद परेशान और मानसिक रूप से असहज हैं। वे हमें जल्दी वापस भेजने के लिए मजबूर कर रहे हैं। हमारे लिए हालात को जानबूझकर और ज्यादा मुश्किल बनाया जा रहा है और नित नई मुश्किलें खड़ी की जा रही हैं, लेकिन हम इन बाधाओं को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने से रोकने नहीं देंगे।
कोच आमिर घालेनोई ने आगे प्रतिबंधों का खुलासा करते हुए कहा कि नियमानुसार हमें गेम शुरू होने से दो रात पहले वहां पहुंचना था, लेकिन हमें इसकी अनुमति ही नहीं दी गई। उन्होंने लाचारी जताते हुए कहा कि मुझे लगता है कि हमारी टीम पूरे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा दबाव में खेल रही है। इस मुश्किल वक्त में न तो हमारा फेडरेशन यहां मौजूद है, न हमारा मीडिया हमारे साथ है और न ही हमारा मैनेजमेंट हमारे साथ खड़ा है।