फीफा विश्व कप में ईरान फुटबॉल टीम की अमेरिका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बाद ईरान में जो हुआ उसे देखकर सभी हैरान रह गए। ईरान के समर्थक अपनी टीम की हार के बाद घर से बाहर गलियों में निकल आए जश्न मनाने लगे। ईरान की हार के बाद टीम के समर्थकों के जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखकर दुनियाभर के फुटबॉल फैन हैरान हैं।
आमतौर पर किसी देश की टीम के हारने पर वहां के फैंस निराश होते हैं, लेकिन इस बार ईरान की हार पर वहां के फैंस दुखी होने की बजाय जश्न मनाने लगे। दरअसल यहां लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ईरान के लोग अपने देश की सरकार से खासे नाराज हैं और सरकार से जुड़ी हर चीज का बहिष्कार कर रहे हैं। फैंस अपने देश की फुटबॉल टीम को भी सरकार का हिस्सा मानते हैं। इसी वजह से ईरान के लोग अपनी टीम की हार पर जश्न मनाने लगे। यह उनके विरोध प्रदर्शन का एक तरीका था।
ईरान में लोग इससे पहले टायर जलाकर और जुलूस निकालकर विरोध कर चुके हैं। अब ये लोग अपनी फुटबॉल टीम की हार पर जश्न मनाकर विरोध कर रहे हैं। ईरान में मौजूदा समय के हालात को देखते हुए फीफा विश्व कप में टीम की भागीदारी से भी फैंस नाराज हैं। ईरान के लोगों का कहना है कि सभी को मिलकर पहले इस दमनकारी सरकार को हटाना चाहिए। इसके बाद बाकी चीजों पर ध्यान देना चाहिए।
ईरान में सितंबर से महसा अमिनी की मौत के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में बच्चों सहित 300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। महसा अमिनी को 16 सितंबर को उचित तरीके से हिजाब नहीं पहनने के "अपराध" के लिए ईरान की कुख्यात नैतिकता पुलिस ने हिरासत में लिया था, जहां उसकी मौत हो गई थी।
फुटबॉल विश्व कप में ईरान की हार के बाद महसा अमिनी के गृहनगर सकेज सहित ईरान के कई अन्य शहरों में, लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया। लंदन स्थित ईरान वायर वेबसाइट ने ट्विटर पर लिखा, "ईरान की फुटबॉल टीम के खिलाफ अमेरिका के पहले गोल के बाद साकेज नागरिकों ने जश्न मनाना और आतिशबाजी करना शुरू कर दिया है।"
ईरानी खेल पत्रकार सईद जफरनी ने हार के बाद ट्वीट किया "किसने कभी सोचा होगा कि मैं तीन मीटर कूदूंगा और अमेरिका के गोल का जश्न मनाऊंगा!" पोडकास्टर इलाहे खोसरावी ने लिखा "बीच में खेलने से आपको यही मिलता है। वे लोगों, विरोधियों और यहां तक कि सरकार से हार गए।"
ईरान में सरकार के अधिकार को चुनौती देते हुए देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ईरानी फुटबॉल टीम ने सरकार के विरोध में 22 नवंबर को इंग्लैंड के खिलाफ अपने मैच से पहले राष्ट्रगान गाने से मना कर दिया। इसे कुछ लोगों ने साहसी कदम माना, लेकिन ईरान में अभी भी कई लोगों का मानना है कि फुटबॉल टीम लोगों का नहीं बल्कि सरकार का प्रतिनिधित्व करती है।