भारतीय मूल के ब्रिटिश फिल्म निर्माता आसिफ कपाडिया ने कहा कि दिग्गज डिएगो माराडोना पर फिल्म बनाने के लिए उन्हें 25 साल लग गए। वह 25 साल पहले 1990 में जब फिल्मों के छात्र थे और महान फुटबॉल खिलाड़ी पर लिखी किताब पढ़ी थी, तभी से माराडोना पर वृत्तचित्र बनाने की सोच रहे थे।
कपाडिया ने कहा कि 11 अक्तूबर को प्रदर्शित हो रही फिल्म में उनकी रुचि माराडोना के व्यक्तित्व को जानने में है। ‘सेन्ना’ और ‘एमी’ वृत्तचित्रों के लिए कई सम्मान पा चुके कपाडिया ने कहा, ‘जब मैं बड़ा हो रहा था तब माराडोना दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी थे। इसमें कोई शंका नहीं है। मेरी उनमें रुचि है यही वह चीज थी। कई महान खिलाड़ी हैं लेकिन वह सर्वश्रेष्ठ हैं।
नब्बे के दशक के मध्य में जब मैं छात्र था तब मैंने उनपर लिखी किताब पढ़ी थी। वहीं से विचार आया कि इस व्यक्ति की जिंदगी अद्भुत और महाकाव्य जैसी है, तब से अब तक मैं लघु फिल्में बनाता हूं लेकिन मैं सोचता था कि एक दिन मैं माराडोना पर फिल्म बनाऊंगा। इसमें 25 साल लग गए।’