राष्ट्रीय कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन में भारत की अंडर-17 फीफा विश्व कप 2017 में नुमाइंदगी कर चुके चार अंडर-19 खिलाड़ियों को सैफ फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए लगाए जाने वाले शिविर के लिए बुलाया है।
ये चार अंडर-19 खिलाड़ी हैं : गोलरक्षक प्रभसुखन सिंह गिल, मिडफील्डर सुरेश सिंह वांगजम और रहीम अली तथा फॉरवर्ड राहुल केपी। ये चारों भारत की अंडर-17फीफा विश्व कप में खेलने वाली टीम के सदस्य थे ही भारत की डेवलेपमेंट टीम इंडियन एरोज के भी सदस्य हैं। ये चारों 30 अन्य संभावितों के साथ 28 जुलाई से दिल्ली में शुरू हो रहे फुटबॉल शिविर के लिए रिपोर्ट करेंगे।
इनमें अन्य 29 भारत की मौजूदा अंडर-23 टीम के सदस्य हैं। इन 34 संभावितों में 23 बरस से उम्र से अधिक के अकेले खिलाड़ी सुमित पासी हैं। मौजूदा चैंपियन भारत सैफ चैंपियनशिप में बांग्लादेश में ग्रुप बी में मालदीव और श्रीलंका के साथ है। भारत अपना पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ 6 सितंबर को खेलेगा। फाइनल 16 सितंबर को खेला जाएगा।
भारत के चुने गए संभावित फुटबॉलर हैं :
गोलरक्षक : विशाल कैथ, तौफीक कबीर,कमलजीत सिंह, प्रभसुखन सिंह गिल।
रक्षापंक्ति : नीशु कुमार, उमेश पेरंभरा, देविंदर सिंह, चिंगलेनसाना सिंह कोंनशम, सलाम रंजन सिंह, सार्थक गोलुई, ललरुआतरा, शुभाशीष बोस, जेरी ललरिनजुआला।
मध्यपंक्ति : निखिल पुजारी, आइजैक वनमलस्वमा, एस.नंद कुमार,उदांत सिंह, विनित राय, जर्मनप्रीत सिंह, अनिरुद्ध थापा, रोहित कुमार, सुरेश सिंह वांगजम, अरुर्जुन जयराज,
लललियानजुआला चांगटे, ओकि कुर्नियान, विग्नेश डी, रहीम अली।
अग्रिम पंक्ति : सुमित पासी, डैनियल ललहिमपुइया, हितेश शर्मा, एलन डिरॉय, मनवीर सिंह, किवी जिमोमी, राहुल केपी।
राष्ट्रीय कोच : स्टीफन कोंस्टेनटाइन।
नौजवान टीम के साथ उतरना एक बड़ी चुनौती : कांस्टेनटाइन
राष्ट्रीय फुटबॉल कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन ने कहा, 'सैफ चैंपियनशिप में ऐसी नौजवान टीम के साथ जाना एक बड़ी चुनौती होगा। हम चाहते भी यही हैं। हम यह जानना चाहते हैं कि कौन सा खास खिलाड़ी वांछित नतीजों को पाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करता है। कौन सा खिलाड़ी टीम में जगह बनाने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी उठा सकता है। यह देखना होगा कि हमारी टीम केनौजवान इस चुनौती के लिए तैयार हैं या नहीं। आप विभिन्न आयु वर्गों पर इसलिए नजर रखते हैं कि क्या ये खिलाड़ी एक पायदान और उपर चढ़ सकते हैं। मेरा हमेशा से जोर नौजवान खिलाडिय़ों पर रहा और मैं अपने इसी दर्शन पर अभी भी काबिज हूं। यह शिविर भी इससे अलग नहीं होगा। कुछ नौजवानों को अपनी कूवत दिखाने का मौका मिलेगा।'