भारत खिताबी हैट्रिक के लिए मैदान पर उतरा था लेकिन उसे अफगानिस्तान जैसी कमजोर टीम से ही हार का सामना करना पड़ गया।
भाग्य के भरोसे सैफ फुटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे छह बार के चैंपियन भारत की किस्मत खिताबी जंग में ही रूठ गई और उसे अफगान टीम से 2-0 से हार का मुंह देखना पड़ा।
काठमांडु में खेले गए मुकाबले में भारत जहां सैफ कप में हैट्रिक बनाने से रह गया वहीं यह जीत अफगानी टीम के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। उसने पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई फुटबॉल चैंपियनशिप जीता है।
अफगानिस्तान ने इस जीत के साथ ही 2011 के पिछले संस्करण (दिल्ली) में मिली 0-4 की हार का बदला भी चुका लिया। अफगानी टीम ने दोनों हॉफ में एक-एक गोल दागा।
मुस्तफा अजादजोय ने नौवें मिनट में अफगानिस्तान को बढ़त दिलाई जबकि संदजार अहमदी ने 62वें मिनट में गोल कर अफगानिस्तान की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी।
अंतिम सीटी बजने के साथ ही अफगानिस्तान ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत लिया।
दोनों देशों के बीच अब तक हुए 15 मुकाबलों में भारत को दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा। भारत ने इससे पहले 11 बार अफगानिस्तान को हराया था लेकिन उसका पिछला शानदार रिकॉर्ड अफगानी टीम के बेहतरीन खेल के आगे इस बार दम तोड़ गया।
भारतीय कोच विम कोवरमैंस ने दोनों हाफ में खिलाड़ियों को बदलकर हमलों में धार लाने की कोशिश की लेकिन भारतीय टीम एक इकाई के रूप में प्रदर्शन नहीं कर पाई और उसे शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय कप्तान सुनील छेत्री एक मैच के निलंबन के बाद फाइनल में खेलने उतरे लेकिन वह भी खिलाड़ियों को प्रेरित नहीं कर पाए।