फीफा विश्व कप 2022 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। इस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच है। दोनों टीमें आज खिताब अपने नाम करने के लिए मैदान में उतरेंगी। यह टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को लगभग 347 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, फाइनल में हारने वाली टीम को करीब 248 करोड़ रुपये मिलेंगे। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम 223 करोड़ और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम 206 करोड़ रुपये लेकर जाएगी।
फीफा विश्व कप में खेलने वाली हर टीम को इनामी राशि के रूप में कुछ न कुछ रकम दी जाती है। फीफा दुनिया की सबसे अमीर खेल संस्था है। इसी वजह से बाकी खेलों की तुलना में फुटबॉल विश्व कप खेलने वाली टीमों को बहुत ज्यादा इनामी राशि दी जाती है। फीफा एक ऐसी संस्था है, जिसका उद्देश्य खेल का विस्तार करना है न कि पैसे कमाना। ऐसे में हम बात रहे हैं कि फीफा कैसे कमाई करता है।
चार तरीके से होती है फीफा की कमाई
फीफा की कमाई के चार जरिए हैं। टेलीविजन अधिकार, मार्केटिंग अधिकार, लाइसेंस और टिकट की बिक्री। इन्हीं के जरिए फीफा के पास अरबों रुपये आते हैं, जिन्हें अलग-अलग देशों और टीमों को बांटा जाता है। साथ ही दुनियाभर में खेल को चलाने के लिए। टूर्नामेंट के आयोजन के लिए और खेल के विस्तार के लिए पैसे दिए जाते हैं।
टेलीविजन अधिकार से कैसे होती है कमाई?
फीफा के पास सबसे ज्यादा पैसे टेलीविजन अधिकारों की नीलामी से आते हैं। फुटबॉल दुनियाभर में सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल है और हमेशा ही करोड़ों फैंस फुटबॉल मैच देखते हैं। इस वजह से फीफा के टीवी अधिकारों के लिए कई कंपनियां दांव लगाती हैं और सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी को फीफा मैचों के प्रसारण के अधिकार मिलते हैं। भारत में फीफा विश्व कप 2022 के प्रसारण के अधिकार स्पोर्ट्स 18 ग्रुप के पास हैं। अब टीवी के डिजिटल प्रसारण के अधिकार के जरिए भी जमकर कमाई होने लगी है।
मार्केंटिंग अधिकार
फीफा विश्व कप के प्रायोजक से लेकर कई अन्य स्पॉन्सर होते हैं, जो मैचों के दौरान अपने नाम और लोगो को दिखाने के लिए मोटी रकम चुकाते हैं। फीफा विश्व कप 2022 भी मार्केटिंग अधिकार के जरिए फीफा को मोटी रकम मिली है।
लाइसेंस
फीफा विश्व कप ब्रांड लाइसेंसिंग और रॉयलटी के जरिए भी जमकर पैसा कमाता है। इससे भी इस संस्था को जमकर कमाई होती है।
टिकट की बिक्री
हर मैच के टिकट की बिक्री के जरिए भी फीफा को मोटी रकम मिलती है। फीफा विश्व कप के नॉकआउट मैचों में एक टिकट की कीमत 15 लाख के करीब है। इससे होने वाली कमाई भी फीफा के पास ही जाती है।