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क्या हैरी केन ने दागा गोल ऑफ द टूर्नामेंट?: कांगो के 5 डिफेंडर्स को छकाया; मेसी-रोनाल्डो को क्यों बताया आदर्श

Thu, 02 Jul 2026 08:48 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अटलांटा (अमेरिका)

सार

इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने डीआर कांगो के खिलाफ दो गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिलाई। उनका 86वें मिनट का शानदार गोल 'गोल ऑफ द टूर्नामेंट' की दौड़ में माना जा रहा है। इस प्रदर्शन के बाद केन ने अपनी सफलता का श्रेय मेसी और रोनाल्डो के मेहनत करने के तरीके से मिली प्रेरणा को दिया।
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रोनाल्डो, हैरी केन और मेसी - फोटो : FIFA.COM
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विस्तार
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इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी क्यों कहलाते हैं। उन्होंने फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में डीआर कांगो के खिलाफ 2-1 की जीत में टीम के दोनों गोल किए। इन दो गोलों के साथ केन के विश्व कप में कुल 13 गोल हो गए और उन्होंने ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले को पीछे छोड़ दिया।
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उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उनकी तुलना लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गजों से की गई, हालांकि बायर्न म्यूनिख के स्ट्राइकर केन ने इस पर विनम्रता बनाए रखी। इतना ही नहीं, केन ने मेसी और रोनाल्डो की तारीफ में कसीदे पढ़ दिए। उन्होंने कहा कि लगातार ऊंचे स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए मैदान के बाहर की मेहनत सबसे ज्यादा मायने रखती है और यही बात मेसी और रोनाल्डो को सबसे अलग बनाती है।

मैच में क्या हुआ था?
 
  • कोंगो डीआर के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में इंग्लैंड एक समय हार के करीब पहुंच गया था, लेकिन दूसरे हाफ में केन ने दो गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिलाई और प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। इंग्लैंड 75वें मिनट तक 0-1 से पीछे था, लेकिन केन ने दो गोल दागकर टीम को हार से बचाया। उनका 86वें मिनट में किया गया विजयी गोल टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गोलों में गिना जा रहा है।
  • एंथनी गॉर्डन के पास पर केन ने पेनल्टी बॉक्स में तीन डिफेंडरों को चकमा दिया और दाएं पैर से जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी दाएं कोने में पहुंचा दिया।
  • इस गोल के साथ इंग्लैंड ने राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई, जहां उसका सामना सह-मेजबान मेक्सिको से होगा। यह केन का विश्व कप में 13वां गोल भी रहा, जिससे उन्होंने ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले (12 गोल) को पीछे छोड़ दिया।
  • मैच के बाद कोच थॉमस टुचेल ने केन की तुलना क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनल मेसी से करते हुए कहा, 'ये सभी शार्क की फुर्ती से खेलते हैं और मौका मिलते ही गोल कर देते हैं।'

गोल ऑफ द टूर्नामेंट?

इंग्लैंड ने डीआर कॉन्गो को हराया - फोटो : Fifa.com
केन ने मेसी-रोनाल्डो को लेकर क्या कहा?
 
  • मैच के बाद डीएजेडएन फुटबॉल से बातचीत में केन ने कहा, 'इसी वजह से हम मैच से पहले इतनी मेहनत करते हैं। लोग ट्रेनिंग, रिकवरी, आइस बाथ, ट्रीटमेंट और उन छोटी-छोटी चीजों को नहीं देखते, जो आपको लंबे समय तक सर्वश्रेष्ठ स्तर पर बनाए रखती हैं।'
  • उन्होंने कहा, 'मेसी और रोनाल्डो इस मामले में सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। मैं खुद को पहले से ज्यादा फिट महसूस कर रहा हूं। मुझे पता था कि पर्दे के पीछे की सारी मेहनत मुझे बड़े मौकों के लिए तैयार रखेगी और मैच में मैदान पर बिल्कुल ऐसा ही हुआ।'

गॉर्डन के दो असिस्ट, केन के दो गोल
मैच के सातवें मिनट में ब्रायन सिपेंगा के गोल से कोंगो डीआर ने बढ़त बना ली थी। पहले हाफ तक इंग्लैंड 0-1 से पीछे रहा। इसके बाद कोच थॉमस टुचेल ने दूसरे हाफ में एंथनी गॉर्डन, बुकायो साका और एबेरेची एजे को मैदान पर उतारा, जिससे टीम के खेल में नया जोश आया। गॉर्डन ने दोनों गोल में असिस्ट किया। केन ने 75वें मिनट में बराबरी का गोल दागा और फिर 86वें मिनट में विजयी गोल कर इंग्लैंड को राउंड ऑफ 16 में पहुंचा दिया, जहां उसका सामना सह-मेजबान मेक्सिको से होगा।

हैरी केन, इंग्लैंड फुटबॉल टीम के कप्तान - फोटो : X (@HKane)
केन ने बनाए कई रिकॉर्ड
 
  • दो गोल करने के साथ ही हैरी केन विश्व कप इतिहास में 13 गोल के साथ संयुक्त रूप से छठे सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने पेले को पीछे छोड़ा और जस्ट फोंटेन की बराबरी कर ली।
  • केन दो अलग-अलग विश्व कप में पांच या उससे ज्यादा गोल करने वाले पहले इंग्लिश खिलाड़ी भी बन गए हैं। इसके अलावा वह इस विश्व कप के गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनल मेसी और किलियन एमबाप्पे से सिर्फ एक गोल पीछे हैं।
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इंग्लैंड ने भी बनाए ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने विश्व कप इतिहास में पहली बार हाफ टाइम तक पीछे रहने के बावजूद कोई मुकाबला जीता। साथ ही यह सिर्फ दूसरा मौका है जब टीम ने पहले गोल खाने के बाद विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में वापसी कर जीत दर्ज की। इससे पहले उसने 1966 के फाइनल में पश्चिम जर्मनी के खिलाफ ऐसा किया था।

इसके अलावा इंग्लैंड ने विश्व कप में अफ्रीकी टीमों के खिलाफ अपना अपराजित रिकॉर्ड 10 मैचों तक पहुंचा दिया, जो किसी भी टीम का अफ्रीकी देशों के खिलाफ सबसे लंबा अपराजित सिलसिला है। वहीं, एंथनी गॉर्डन 1966 के बाद विश्व कप नॉकआउट मुकाबले में सब्स्टीट्यूट के रूप में दो असिस्ट देने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
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