आगामी 6 से 28 अक्टूबर तक होने वाले फीफा वर्ल्ड कप-17 की राष्ट्रीय टीम में गोवा से एक भी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया है, जिसके चलते गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर ने गोवा फुटबॉल एसोसिएशन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा जीएफए अधिकारियों के साथ उसके पैरेंट बॉडी एआईएफएफ का कुछ इगो इशू चल रहा था, जिसके कारण जीएफए ने दो साल पहले अंडर-17 ट्रायल का बहिष्कार किया था। उस समय निकोलै एडम कोच थे।
सीएम परिकर ने कहा, 'जीएफए को दो साल पहले भारतीय कोच निकोलै एडम के सानिध्य में चल रहे अंडर-17 वर्ल्ड कप ट्रायल का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। मेरा मानना है कि अंडर-17 वर्ल्ड कप को इगो इशू के मुद्दों से ऊपर उठकर रखना चाहिए था, क्योंकि यहां उन दोनों बॉडी के बीच टसल चल रहा है, जिसके कारण अंडर -17 में एक भी गांव के खिलाड़ी का चयन नहीं हो पाया।'
पढ़ेंः-FIFA U-17 World CUP: पहले अभ्यास सत्र में उतरी टीम इंडिया, 6 अक्टूबर को होगा पहला मुकाबला
बता दें कि मुख्यमंत्री ने यह बात दिलीप सरदेसाई स्पोर्ट्स एक्सीलेंस अवार्ड के बाद राज्य की राजधानी में गोवा की खेल प्रतिभाओं के संदर्भ में कही। यह समारोह पट्टो के डायरेक्टोरेट ऑफ आर्ट एंड कल्चर के मल्टिपरपोज हॉल में आयोजित किया गया था। समारोह में दिलीप सरदेसाई 2017 का पुरस्कार ताइक्वॉन्डो खिलाड़ी पी. आनंद को मनोहर पर्रिकर द्वारा दिया गया। इस मौके पर पूर्व क्रिकेटर दिलीप सरदेसाई के बेटे राजदीप सरदेसाई सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।