जर्मनी ने बृहस्पतिवार को यूएफा कार्यकारिणी की बैठक में तुर्की को एक वोट से मात देकर 2024 यूरो (यूरोपियन चैंपियनशिप ) की मेजबानी हासिल कर ली। 36 साल बाद एक बार फिर यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप जर्मनी में होगी।
इससे पहले वेस्ट जर्मनी ने 1988 में इसकी मेजबानी की थी। तुर्की का किसी प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी करने का इंतजार और बढ़ गया। जर्मनी में होने वाले यूरो कप में 24 देश हिस्सा लेंगे और 32 दिन तक चलने वाले टूर्नामेंट में 51 मैच खेले जाएंगे।
वोटिंग के दौरान जर्मनी के पूर्व कप्तान फिलिप लाम भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम अपने देश में एक बेहतरीन फुटबॉल पार्टी आयोजित करने वाले हैं। 2004 के बाद पहली बार 2024 में कोई एक ही देश टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। तब पुर्तगाल मेजबान था।
2020 में यह टूर्नामेंट यूरोप के 12 देशों के 12 शहर में खेला जाएगा। तुर्की ने इससे पहले 2008, 2012 और 2016 के लिए दावेदारी पेश की थी। 2020 ओलंपिक की मेजबानी भी वह टोक्यो से हार गया था।