फीफा विश्वकप 2018 में अपने दमदार खेल और कप्तानी के दम पर क्रोएशिया को फाइनल तक पहुंचने वाले लुका मॉड्रिक फीफा के बेस्ट फुटबॉलर ऑफ द ईयर चुने गए हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी के दशकों के प्रभुत्व को खत्म करते हुए उन्होंने यह उपलब्धि अपने नाम की।
मॉड्रिक ने इस अवॉर्ड के लिए लीवरपुल में मिस्र के खिलाड़ी मोहम्मद सालाह और रोनाल्डो को पीछे छोड़ा। लंदन में आयोजित इस अवॉर्ड कार्यक्रम में रोनाल्डो और मेसी ने हिस्सा नहीं लिया। दोनों ही काम की व्यस्तता के कारण यहां उपस्थित नहीं हो पाए।
लुका ने चार साल इंग्लैंड में क्लब फुटबॉल खेला और आखिर में 2012 में वह स्पेनिश क्लब रियाल मैड्रिड से जुड़े। सोमवार देर रात मिले इस अवार्ड के बाद मॉड्रिक काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कई लोगों ने मेरा साथ दिया। रोनाल्डो और मेसी की गौरमौजूदगी पर लुका ने कहा कि मुझे अच्छा लगता अगर वो यहां होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
याद हो कि क्रोएशियाई टीम ने फीफा विश्व कप 2018 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। पहली बार फाइनल में पहुंचने के बाद खिताबी मुकाबले में फ्रांस से इस टीम का हार का मुंह देखना पड़ा। बावजूद इसके मॉड्रिक को गोल्डन बॉल से नवाजा गया।
33 वर्षीय इस खिलाड़ी ने यहां तक पहुंचने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया। 9 सितंबर 1985 को उनका जन्म हुआ। यूगोस्लोवाकिया के टूटने के बाद क्रोएशिया सामने आया। मॉड्रिक सिर्फ छह साल के थे तब उनके दादा को आतंकवादियों ने गोली मार दी। उन्हें युद्ध-प्रभावित इलाके में रिफ्यूजी का जीवन बिताना पड़ा। अपना ध्यान बांटने के लिए उन्होंने फुटबॉल का रुख किया।