क्या बोले इब्राहिमा कोनाटे?
फ्रांस के डिफेंडर इब्राहिमा कोनाटे ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी तीसरे स्थान का मैच नहीं खेलना चाहता था, लेकिन यह विश्व कप का आधिकारिक मुकाबला है। उन्होंने कहा कि फ्रांस और इंग्लैंड के बीच लंबा इतिहास रहा है और टीम इस मैच के लिए तैयार है।
टुकेल ने क्या कहा?
इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुकेल ने कहा कि सभी चार सेमीफाइनलिस्ट टीमों का सपना फाइनल खेलना था, लेकिन अब यह आधिकारिक विश्व कप मैच है और इंग्लैंड के पास 60 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ विश्व कप परिणाम हासिल करने का मौका है। उन्होंने कहा कि टीम को पूरे टूर्नामेंट में दिखाई गई मानसिकता एक बार फिर मैदान पर दिखानी होगी।
टुकेल ने यह भी माना कि अर्जेंटीना के खिलाफ टीम जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक हो गई थी। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने फैसले सहज सोच के आधार पर लिए थे और उन्हें उन पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को जिम्मेदारी लेनी है तो वह खुद लेने के लिए तैयार हैं।
क्या गोल्डन बूट की दौड़ में एम्बाप्पे आगे निकल पाएंगे?
फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे इस मुकाबले में गोल्डन बूट जीतने की दौड़ में बने रहेंगे। उनके नाम आठ गोल हैं और वह अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी की बराबरी पर हैं। हालांकि चार असिस्ट की बदौलत मेस्सी फिलहाल टाईब्रेकर में आगे हैं। इंग्लैंड के हैरी केन और जूड बेलिंगहम के नाम छह-छह गोल हैं।
क्या यह डिडिएर डेसचैम्प्स का आखिरी मैच होगा?
फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के लिए यह राष्ट्रीय टीम के साथ आखिरी मुकाबला होगा। उन्होंने कहा कि फ्रांस की जर्सी पहनकर टीम का नेतृत्व करना उनके पेशेवर करियर का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। डेसचैम्प्स की कोचिंग में फ्रांस ने 2018 विश्व कप जीता था और 2022 में फाइनल तक पहुंचा था।