फीफा विश्वकप 2026 गोलों की बरसात के लिए याद किया जाएगा। उत्तर अमेरिका में खेले गए 102 मुकाबलों में अब तक 297 गोल हो चुके हैं, जो टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे ज्यादा स्कोरिंग वाला संस्करण बन गया है। इसी बीच लियोनेल मेसी की अगुआई वाली अर्जेंटीना ने भी गोलों की झड़ी लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि, एक विश्वकप में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीमों की सूची में वह अभी संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर है।
| रैंक | टीम | विश्वकप संस्करण | गोल |
|---|---|---|---|
| 1 | हंगरी | 1954 | 27 |
| 2 | फ्रांस | 1958 | 23 |
| 3 | ब्राजील | 1950 | 22 |
| 4 | अर्जेंटीना | 2026 | 19 |
| 4 | ब्राजील | 1970 | 19 |
1970 विश्वकप में ब्राजील ने 19 गोल किए और फाइनल में इटली को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। जायरजिन्हो ने सात और पेले ने चार गोल किए। पूरे टूर्नामेंट में ब्राजील ने सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ ग्रुप चरण के मुकाबले में 1-0 की जीत के दौरान क्लीन शीट रखी।
लियोनेल मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में 19 गोल किए हैं। यह विश्वकप इतिहास में टीम का सबसे बेहतरीन गोल स्कोरिंग अभियान है। मेसी ने आठ गोल और चार असिस्ट के साथ टीम के अभियान में अहम योगदान दिया है। अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने वाली तीसरी टीम बनने की कोशिश में है।
मेजबान ब्राजील ने 1950 विश्वकप में 22 गोल दागे, जो टूर्नामेंट के कुल 88 गोलों का एक चौथाई हिस्सा था। एडेमिर ने नौ गोल कर गोल्डन बूट जीता। हालांकि, फाइनल में उरुग्वे से मिली हार 'माराकानाज़ो' के नाम से इतिहास में दर्ज हो गई।
1958 विश्वकप में फ्रांस ने 23 गोल किए। जस्ट फॉन्टेन ने सिर्फ छह मैचों में 13 गोल दागे, जो आज भी एक विश्वकप संस्करण में किसी खिलाड़ी द्वारा किए गए सबसे ज्यादा गोल का रिकॉर्ड है। फ्रांस ने तीसरे स्थान के मुकाबले में पश्चिम जर्मनी को 6-3 से हराया था।
1954 विश्वकप में हंगरी ने 27 गोल किए, जो आज भी एक संस्करण में किसी टीम द्वारा किए गए सबसे ज्यादा गोल हैं। टीम ने प्रति मैच 5.38 गोल का औसत निकाला। हालांकि, फाइनल में उसे पश्चिम जर्मनी से हार का सामना करना पड़ा। सैंडोर कोचिस ने 11 गोल किए, जबकि नंदोर हिडेगकुटी और फेरेंक पुस्कास ने चार-चार गोल दागे। ग्रुप चरण के सिर्फ दो मैचों में ही हंगरी ने 17 गोल कर दिए थे।