ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करने का मौका क्यों चूक गया पुर्तगाल?
अपने शुरुआती दो मुकाबलों में एक जीत दर्ज करने के बाद पुर्तगाल को ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए जीत की जरूरत थी। हालांकि, रॉबर्टो मार्टिनेज की टीम गेंद पर सिर्फ 45 प्रतिशत कब्जा ही रख सकी और पूरे मैच में केवल दो शॉट ही लक्ष्य पर लगा सकी। टीम को 2014 विश्व कप की क्वार्टर फाइनलिस्ट कोलंबिया के खिलाफ गोल करने का मौका नहीं मिला।
ब्रूनो फर्नांडीस का प्रदर्शन सवालों के घेरे में क्यों आया?
क्रिस्टियानो रोनाल्डो के पीछे खेल रहे 31 वर्षीय ब्रूनो फर्नांडीस ने पुर्तगाल की ओर से लक्ष्य पर लगे दो शॉट्स में से एक लगाया, लेकिन कोलंबिया के गोलकीपर कैमिलो वर्गास ने उसे रोक दिया। 90 मिनट के खेल में मैनचेस्टर यूनाइटेड के इस खिलाड़ी ने एक की-पास दिया, 44 में से 39 पास पूरे किए और दो क्रॉस लगाए। हालांकि, उनका यह प्रदर्शन फैंस को प्रभावित नहीं कर सका।
सोशल मीडिया पर फैंस ने क्या कहा?
एक यूजर ने लिखा "ब्रूनो फर्नांडीस को पुर्तगाल की टीम से बाहर बैठाना चाहिए। वह रोनाल्डो के साथ तालमेल नहीं बिठाते। दाईं ओर खेलने वाला यह खिलाड़ी गेंद मिलने पर सिर तक नहीं उठाता। टीम फिर वही खराब फुटबॉल खेल रही है, जैसा पहले खेल चुकी है।" एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, "ब्रूनो फर्नांडीस उतने बड़े खिलाड़ी नहीं हैं, जितना लोग उन्हें मानते हैं। बड़े मुकाबलों में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा।" वहीं, एक अन्य पोस्ट में लिखा गया "ब्रूनो फर्नांडीस को अब अपने जीवन में दोबारा कोई मैच नहीं खेलना चाहिए।"
मैच के अंतिम क्षणों में क्या हुआ और अब पुर्तगाल की अगली चुनौती कौन होगी?
मैच के आखिरी पलों में कोलंबिया की टीम जीत के बेहद करीब पहुंच गई थी, जब 90वें मिनट में डेविंसन सांचेज़ ने करीब-करीब गोल दाग ही दिया था। हालांकि, पुर्तगाल के लिए राहत की बात यह रही कि इस गोल को ऑफसाइड करार दे दिया गया। बहरहाल, इस मैच में अंक गंवाने के कारण रोनाल्डो और उनकी टीम अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रही। अब राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में पुर्तगाल का सामना 2 जुलाई को टोरंटो में 2018 की उपविजेता (फाइनलिस्ट) क्रोएशिया से होगा।